सामने आने वाहनों की रोशनी से नहीं चौंधियायेंगी आंखें, हेडलाइट के लिये सरकार ला रही है नया नियम

नई दिल्ली. रात का समय, सड़क पर सामने से आती एक गाड़ी और अचानक हेडलाइट की रोशनी जब आपकी आंखों पर सीधे पड़ती है तो एक पल के लिये ऐसा लगता है कि जैसे सड़क ही गायब हो गयी ।सामने क्या है कौन है, कितनी दूरी पर है, कुछ समझ नहीं आता है। अब सरकार इसी चौंध पर लगाम लगाने की तैयारी में है। सड़क परिवहन मंत्रालय ने हेडलाइट की पॉवर घटनाने से लेकर शहरों में बेवजह हाईबीम पर ऑडियो अलर्ट तक का प्रपोजल रखा है। यानी आने वाले वक्त में सड़क पर सिर्फ गाड़ी चलाने के नियम नहीं बदलेंगे बल्कि गाड़ी की हेडलाइट और रोशनी भी बदल जायेगी।
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने वाहनों की हेडलाइट और रात में उनकी बिजिबिलिटी से जुड़े नियमों से बड़े बदलाव का प्रस्ताव तैयार किया है। प्रपोजलके अनुसार दोेपहिया वाहनों की मैक्सिमम हेडलाइट इंटेंसिटी को मौजूदा 1.5 लाख कैंडेला से घटाकर 1 लाख कैंडेला करने पर विचार किया जा रहा है। वहीं पैसेंजर कारों के लिये यह सीमा मौजूदा 2.25 लाख कैंडेला से घटाकर 1.5 लाख कैंडेला करने का प्रस्ताव है। इसका मकसद सामने से आने वाले वाहन के ड्राइवर की आंखों पर पड़ने वाली तेज रोशनी को कम करना है। खासकर रात में ड्राइविंग के दौरान, सरकार वाहन की हैडलाइट के कलर टेम्परेचर का लेकर नियम सख्त करने की तैयारी में है। इसके लिये मैक्सिमम कलर टेम्परेचर 6,500 केल्विन तय किये जाने का प्रस्ताव है। इसमें बहुत अधिक तेज और चुभने वाली रोशनी को कंट्रोल करने में मदद मिल सकती है।
कब लागू होगा नया निमय
यहां यह ध्यान देना जरूरी है कि, अभी मंत्रालय ने ये प्रपोजल दिया है. अभी ये निमय तत्काल लागू नहीं हो रहे है।  ऐसी संभावना है कि ये बदलाव अप्रैल 2027 से लागू हो सकता है।  इसलिए इसे फाइनल रूल नहीं माना जा सकता है। मंत्रालय ने प्रस्तावित बदलावों पर संबंधित पक्षों से सुझाव और आपत्तियां मांगी है।  इसके लिए 30 दिनों का समय तय किया गया है। इस दौरान वाहन कंपनियां और इंडस्ट्री से जुड़े लोग अपने सुझाव या आपत्तियां दर्ज करा सकते है।