भव्य, दिव्य, अलौकिक और आपदा मुक्त सिंहस्थ के लिए तैयार हो रहा उज्जैन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में उज्जैन में सिंहस्थ 2028 के भव्य, दिव्य, अलौकिक, आकर्षक और आपदा मुक्त सिंहस्थ के आयोजन के लिए सभी तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। बुधवार को उज्जैन को 945.20 करोड़ रुपए लागत के नवीन एलिवेटेड कॉरिडोर की सौगात मिली है। यह 5.30 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर सिंहस्थ: 2028 के दौरान श्रद्धालुओं को सहज आवागमन की सुविधाएं प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ धार्मिक पर्यटन का सबसे बड़ा मेला होगा। विगत सोमवार को नागपंचमी पर श्रद्धालुओं के सुगम और सहज तरीके से दर्शन के प्रबंधन के लिए जिला प्रशासन ने बेहतर इंतजाम किए थे। बेहतर प्रबंधन के लिए उज्जैन का पूरा प्रशासन बधाई का पात्र है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को उज्जैन की कालिदास अकादमी में आयोजित होमगार्ड, आपदा मित्र और सिविल डिफेंस वॉलेंटियर्स के प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्ज्वलित कर प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने सिंगल क्लिक से नवीन एलिवेटेड कारीडोर का भूमि-पूजन किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्ष 1980 के उज्जैन सिंहस्थ में स्काउट एंड गाइड मेंबर रहा था। सिंहस्थ 2016 के आयोजन में कई प्रकार की सावधानियां बरती गईं। रामघाट पर सुविधाएं बढ़ाई गईं, उज्जैन में बायपास निर्माण की जरूरत महसूस की गई। उज्जैन में बाबा महाकाल के महालोक का निर्माण से धार्मिक तीर्थाटन बढ़ा है, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़े हैं। इंदौर-उज्जैन मेट्रोपोलिटन निर्माण की दिशा में सरकार आगे बढ़ी है। उज्जैन और इंदौर में मल्टी एलिवेटेड कॉरिडोर जैसे विकास कार्यों को पूरा करने में आधुनिक तकनीक को भी शामिल किया जाता है। नया कॉरिडोर महाकाल मंदिर तक जाने के लिए वैकल्पिक रोड के तौर पर भी इस्तेमाल किया जाएगा। उज्जैन में रेल और नदी पर आवश्यकतानुसार 7 ब्रिज तैयार किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंदौर-उज्जैन सिक्स लेन हाइवे का काम 80 प्रतिशत पूरा कर लिया गया है। महाकाल के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के लिए सभी व्यवस्थाएं करने के लिए हम तत्पर हैं। होमगार्ड के जवानों और पुलिस-प्रशासन के साथ श्रद्धालुओं के लिए बेहतर प्रबंधन किए जाएंगे। होमगार्ड, आपदा मित्र और सिविल डिफेंस वॉलेंटियर्स को लगातार प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इन पर लोगों की जान-माल की रक्षा करने की जिम्मेदारी होती है। ये सभी साथी हमारे संकट मोचक हैं, समाज के सच्चे नायक-नायिका हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ 2016 के समय 7 किलोमीटर के घाट थे, आगामी सिंहस्थ: 2028 में शिप्रा के 35 किलोमीटर के घाट होंगे, जहां श्रद्धालु स्नान करेंगे। उज्जैन में 300 सर्पमित्रों को भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। सभी ज्योतिर्लिंग के आसपास सांपों की संख्या अधिक होती है। उज्जैन में स्नेक पार्क बनाया जा रहा है, जिसका लोकार्पण जल्द किया जाएगा। प्रदेश स्तर पर प्रत्येक पंचायत और थाना स्तर पर एक प्रशिक्षित सर्प मित्र उपलब्ध हो, जो सांपों को आवासीय क्षेत्रों से पकड़कर जंगलों में छोड़ें। हमारा प्रयास है कि मनुष्य और सर्प दोनों सुरक्षित रहें।