नगरीय निकाय चुनाव 2027 में मई से अगस्त के बीच कराए जा सकते हैं, पूरा चुनाव ईवीएम से कराने पर हो रहा विचार
भोपाल. मध्य प्रदेश में अगले साल होने वाले नगर निकाय और पंचायत चुनाव की तैयारी में जुटा राज्य निर्वाचन आयोग चुनाव के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त की तर्ज पर मतदान केंद्रों में वेबकास्टिंग शुरू करा सकता है। इस काम में लगने वाले निर्वाचन अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि वे छोटी बात को गंभीरता से लें क्योंकि निर्वाचन कार्यों में छोटी-सी लापरवाही अविश्वास का कारण बन जाती है।
उप जिला निर्वाचन अधिकारियों की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण
राज्य निर्वाचन आयुक्त मनोज श्रीवास्तव ने ये बातें उप जिला निर्वाचन अधिकारियों और मास्टर ट्रेनर्स की राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला में कहीं। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण कार्यशाला में अपनी सभी शंकाओं का समुचित समाधान करें और अपने महत्वपूर्ण सुझाव भी दें। राज्य निर्वाचन आयुक्त श्रीवास्तव ने कहा कि स्थानीय निकायों के निर्वाचन तुलनात्मक रूप से अधिक संवेदनशील होते है। इसमें उप जिला निर्वाचन अधिकारियों की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है। अधिकारी निर्वाचन प्रक्रियाओं की नई तकनीकों को अपनाने के साथ् ही इस बात पर विशेष ध्यान दें कि इन तकनीकों पर मतदाताओं का पूरा विश्वास कायम रहे। मतदान की पवित्रता को मतदाता हमेशा याद रखता है।
वेबकास्टिंग करने पर विचार
राज्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि मतदान की प्रक्रिया की वेबकास्टिंग करने पर विचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ईवीएम के माध्यम से मतदान एक साथ कराने पर भी गहन विचार किया जा रहा है। इससे पंचायत और नगरीय निकाय, सभी जगह ईवीएम से वोटिंग होने पर रिजल्ट आने में कम समय लगेगा। श्रीवास्तव ने बताया कि सहयोगात्मक संघवाद की भावना के अनुरूप किराये पर मध्य प्रदेश, त्रिपुरा, सिक्किम, महाराष्ट्र और राजस्थान में स्थानीय निकायों के निर्वाचन के लिए ईवीएम उपलब्ध कराई गई है।
अगले साल हो सकते है चुनाव
राज्य निर्वाचन आयोग ने वर्ष 2022 में पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव जुलाई और अगस्त महीने में कराए थे। इसलिए 2027 में पांच साल बाद होने वाले चुनाव मई से अगस्त के बीच कराए जा सकते है। इसी के चलते चुनाव आयोग ने मतदाता सूची के बाद अधिकारियों को प्रशिक्षण देने और अन्य तैयारियों पर फोकस किया है।