8th Pay Commission- बैसिक सैलरी, HRA में कितनी होगी वृद्धि

नई दिल्ली. 8th Pay Commission को लेकर तेजी से रिपोर्ट तैयार की जा रही है। कर्मचारी संघ सैलरी, पेंशन और एचआरए को लेकर बढ़ोत्तरी की मांग जा रही है। वहीं एक्सपटर््स भी सैलरी में बढ़ोत्तरी को लेकर अनुमान लगा रहे है। इस दौरान एक्सपटर््स ने एचआरए में अच्छी बढ़ोत्तरी की संभावना जताई है। एक्सपर्ट्स ने बताया है कि चूंकि एचआरए सीधे बेसिक सैलरी से जुड़ा होता है।इस वजह से फिटमेंट फैक्टर में किसी भी बढ़ोत्तरी से मंथली भत्ते में काफी बढ़ोतरी हो सकती है। खासकर महानगरों में तैनात कर्मचारियों के लिये यह बढ़ोत्तरी हर माह बहुत अधिक हो सकती है।
बैंक बाजार के सीईओ अदिल शेट्टी के अनुसार कर्मचारियों को केवल संशोधित बेसिक सैलरी पर फोकस करने से बचना चाहिये। उन्होंने कहा है कि 8th Pay Commission से संबंधित अधिकांश चर्चायें बेसिक सैलरी में वृद्धि पर फोकस है। लेकिन कर्मचारियों को एचआरए जैसे वेतन संबंधी चीजों पर इसके प्रभाव पर भी विचार करना चाहिये। एचआरए की गणना बेसिक सैलरी के प्रतिशत के रूप् में की जाती है। ऐसे में फिटमेंट फैक्टर बदलने से कुल मासिक आय में काफी अंतर आ सकता है।
लेवल 10 के कर्मचारी के लिये वेतन
लेवल 10 के कर्मचारियों के लिये वर्तमान मूल वेतन 56,100 रूपये है। 2.0 के फिटमेंट फैक्टर के तहत, संशोधित मूल वेतन 1.12 लाख रूपये होगा। जो एक्स शहरों मतें 33 हजार 660 रूपये के एचआरए में बदल जायेगा। 2.28 की दर सेे, एचआरए बढ़कर 38 हजार 370 रूपये हो जाता है। 2.57 की दर से संशोधित मूल वेतन 1.44 लाख रूपये तक पहुंच जाता है। जिसमें एचआरए एक्स श्रेणी के शहरों में 43 हजार 250 रूपये और जेड शहरों में 14 हजार 420 रूपये तक पहुंच जाता है।
क्‍यों खास है HRA?
केंद्र सरकार के कर्मचारियों को वर्तमान में उनके शहर के अनुसार तीन अलग-अलग रेट्स पर एचआरए दिया जाता है. X कैटेगरी के शहरों के लिए मूल वेतन का 30%, Y कैटेगरी के शहरों के लिए 20 फीसदी और Z कैटेगरी के शहरों के लिए 10 फीसदी एचआरए दिया जाता है. ऐसा भी हो सकता है कि एचआरए की कैटेगरी बाद में बदल सकती है, लेकिन अगर कोई बदलाव नहीं होता है तो कर्मचारियों की सैलरी अपने आप ही बढ़ जाएगा. इसका मतलब यह है कि उच्च फिटमेंट फैक्टर से न केवल बेसिक सैलरी बढ़ती है, बल्कि इससे एचआरए और वेतन से जुड़े कई अन्य लाभ भी बढ़ जाते हैं.