महिला सशक्तिकरण में लाड़ली बहना योजना क्रांतिकारी पहल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि महिलाएं परिवार की रीढ़ और इज्जत होती हैं। सनातन संस्कृति में महिलाओं को देवी के रूप में पूजा जाता है। महिलाओं के अधिकार और सशक्तिकरण के लिये प्रदेश सरकार हर संभव प्रयास कर रही है, जो निरंतर जारी रहेंगे। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी बहनों को सशक्त बनाना अपनी पहली प्राथमिकता मानते हैं। वे चाहते हैं कि ग्राम पंचायत से लेकर संसद तक महिलाएं प्रमुख भूमिका में रहें। महिला कल्याण और सशक्तिकरण की यही नीति मध्यप्रदेश सरकार की भी है। प्रदेश की लाड़ली बहना योजना महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में क्रांतिकारी साबित हो रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को भिंड जिले के लहार में लाड़ली बहना योजना के राज्य स्तरीय कार्यक्रम में प्रदेश की 1 करोड़ 25 लाख से अधिक लाड़ली बहनों को लाड़ली बहना योजना की 38वीं किश्त के रूप में 1835 करोड़ रुपए से अधिक की प्रोत्साहन राशि अंतरित कर संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भिंड जिले को 322 करोड़ लागत के 56 विकास कार्यों की सौगात दी। इसमें 4 सांदीपनि विद्यालयों के नवनिर्मित भवनों का लोकार्पण भी शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लहार में विद्यार्थियों के लिए महाविद्यालय स्तर पर पीजी कक्षाओं की सुविधा में वृद्धि करने की घोषणा भी की।
बहनों, बेटियों के विकास के साथ सभी नागरिकों के कल्याण के हो रहे कार्य
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कामकाजी महिलाओं की समृद्धि, सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार सभी आवश्यक प्रयास कर रही है। बहनों और बेटियों के साथ युवाओं, किसानों और गरीबों के कल्याण के प्रयास किए जा रहे हैं। युवाओं को इतना सक्षम बनाया जाएगा कि वे नौकरी पाने में नहीं, बल्कि नौकरी प्रदान करने में सक्षम बनें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कतिपय लोग महिला कल्याण कार्यक्रमों का विरोध करते हैं। ऐसे लोगों ने स्वयं तो कभी भी लाड़ली बहना जैसी कारगर योजना प्रारंभ नहीं की, अब वे निंदा के अलावा कुछ नहीं करते। यह सर्वविदित है कि लाड़ली बहना योजना में बहनों को दी जा रही राशि परिवार में खुशियां लाने का माध्यम बनी हैं। हमारी बहनें लक्ष्मी, सरस्वती और जगदम्बा का स्वरूप हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में भारत का मान-सम्मान बढ़ रहा है। देश का इतिहास बदल रहा है। अब महिला आरक्षण की पहल से इतिहास का नया अध्याय प्रारंभ होगा। कतिपय लोगों ने महिला आरक्षण के प्रावधान में बाधा बनने का कार्य किया है, लेकिन अंतत: बहनों को सशक्त बनाने के प्रयास सफलता प्राप्त करेंगे।