शासकीय जमीन पर खुले आम हो रहा है अतिक्रमण, आमखो में 200 करोड़ रूपये की जमीन पर हो रहे अवैध निर्माण
ग्वालियर. शहर में सरकारी जमीनों पर इन दिनों धडाधड कब्जे करने में कोई पीछे नहीं है। आमखो (पुराने बस स्टैंड से लगी जमीन) स्थित 10 बीघा से ज्यादा सरकारी जमीन पर अभी तक 140 से अधिक मकान, दुकान, अस्पताल और कोचिंग सेंटर बन चुक है। तहसीलदार के यहां अवैध कब्जे वालों को नोटिस जारी हुए है। लेकिन राजनीतिक रसूख की वजह से नोटिस सिर्फ कागजी साबित हो रहे है।
इसी वजह यहां न तो निर्माण कार्य रूका और न ही जमीन खाली कराई गयी। ताज्जुब की बात यह है कि लगभग 200 करोड़ रूपये की बाजारू कीमत वाली इस जमीन पर अतिक्रमण धडल्ले से किय जा रहे है। राजस्व एवं नगर निगम अधिकारी कोई कार्यवाही करने तक को तैयार नहीं है। जबकि इस मामले में कई बार कलेक्ट्रेट और नगर निगम अधिकारियों से शिकायतें भी की जा चुकी है। भू माफिया के संग अधिकारियों की मिलीभगत की वजह से सभी शिकायतें फाइलों में दफन ही बनी हुई है।
सरकारी जमीन से कमा रहे लाखों रूपये
यह जमीन बेशक सरकार की हो, लेकिन अधिकारियों की मिलीभगत की वजह से माफिया ने इसे बेच डाला और अब यहां का 90 प्रतिशत उपयोग व्यवसायिक हो रहा है। अस्पताल, कोचिंग, रेस्त्रा आदि के लिये लोगों बिल्डिंग किराये पर दे रखी है। जिससे उन्हें हर माह लाखेां रूपये का किराया भी मिल रहा है।इस जमीन को वापिस लेने के लिये प्रशासन ने अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाये है। जिससे माफिया के हौंसले और बुलंद होते जा रहे है। अहम बात यह है कि यहां अवैध कब्जे करने वाले कोई भूमिहीन गरीब लोग नहीं बल्कि सेवानिवृत्त सरकारी अधिकारी, नेता व व्यवसाई आदि है।
जिस जमीन पर अतिक्रमण कर आवासीय-व्यवसायिक संस्थान ताने जा रहे हैं। वे शहर लश्कर ग्राम के सर्वे नंबर 1817/2 की है, जो खसरे में शासकीय दर्ज है। ये जमीन 2.2890 हेक्टेयर यानी कि 10 बीघा 10 विस्वा है। जो कि अब पूरी तरह से अतिक्रमण का शिकार हो चुकी है।क्योंकि, अफसरों की मिलीभगत से गलत सर्वे नंबर डालकर यहां रजिस्ट्री हुई और फिर उसी के आधार पर तमाम विभाग के अफसरों ने परमिशन भी दे दी। फिर लोगों को बैंकों में जुगाड़ करने पर लोन भी मिल गए। इन सभी कारणों से माफिया यहां सरकारी जमीन भी करोड़ों रुपए में खुलेआम बेच रहे हैं।
मामले को दिखवाता हूं
क्षेत्र के पटवारी ने रिपोर्ट देकर बताया था कि शहर लश्कर के सर्वे नंबर 1817/2 पर पहले से ही बड़ी संख्या में अतिक्रमण हैं और अब एक नया मकान अतिक्रमण कर बनाया जा रहा है। इस मामले में नोटिस जारी किए थे। अब निर्माण कार्य पर स्टे कर दिया गया है। आगे मैं इस मामले को दिखवाता हूं कि काम चल रहा है क्या? मनीष जैन, तहसीलदार