मादा चीता का सफल रेस्क्यू, 20 दिन तक ग्वालियर के जंगलों में घूमती रही
ग्वालियर. वन मंडल के जंगलों में पिछले करीब 20 दिनों से विचरण कर रही कूनो नेशनल पार्क की मादा चीता सीसीबी-3 का गुरुवार को सफल रेस्क्यू कर उसे सुरक्षित कूनो नेशनल पार्क भेज दिया गया। कूनो की विशेषज्ञ टीम और ग्वालियर वन विभाग ने बरी-पनिहार के जंगलों में संयुक्त अभियान चलाकर कई घंटे की मशक्कत के बाद चीते को ट्रेंकुलाइज (बेहोश) कर सुरक्षित पकड़ लिया। वन अधिकारियों के अनुसार मादा चीता की हर गतिविधि पर लगातार नजर रखी जा रही थी। उसके गले में लगे सैटेलाइट कॉलर से उसकी लोकेशन मिल रही थी, जबकि वन अमले की ग्राउंड ट्रैकिंग टीम भी जंगलों में लगातार निगरानी कर रही थी। पिछले कुछ दिनों से चीता शिकार की तलाश में जंगल से निकलकर रिहायशी क्षेत्रों के करीब पहुंचने लगी थी, जिससे स्थानीय लोगों और चीते की सुरक्षा को देखते हुए रेस्क्यू का निर्णय लिया गया।
ग्वालियर वन विभाग ने इलाके की घेराबंदी कर रेस्क्यू किया
दोपहर बरी-पनिहार के जंगल में चीते की सटीक लोकेशन मिलने के बाद कूनो नेशनल पार्क की विशेषज्ञ टीम और ग्वालियर वन विभाग ने इलाके की घेराबंदी कर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। सुरक्षित दूरी बनाकर विशेषज्ञों ने मादा चीता को बेहोशी का इंजेक्शन लगाया। बेहोश होने के बाद पशु चिकित्सकों की निगरानी में उसे सुरक्षित पिंजरे में रखा गया और विशेष वाहन से कूनो नेशनल पार्क के लिए रवाना कर दिया गया।
डीएफओ बोले-पूरी तरह सुरक्षित है चीता
ग्वालियर वन मंडल के डीएफओ मुकेश पटेल ने बताया कि मादा चीता सीसीबी-3 का रेस्क्यू पूरी तरह सफल रहा। अभियान के दौरान वन्यजीव विशेषज्ञों और पशु चिकित्सकों की टीम मौजूद रही तथा सभी सुरक्षा मानकों का पालन किया गया। उन्होंने बताया कि चीते को पूरी तरह सुरक्षित हालत में कूनो नेशनल पार्क भेज दिया गया है।