मंत्रि-परिषद ने प्रदेश में अधोसंरचनात्मक विकास और पुनर्वास कार्यों के लिये दी 2,300 करोड़ रूपये की स्वीकृति

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में बुधवार को संपन्न हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में अनेक निर्णय लिए गए है। मंत्रि-परिषद ने प्रदेश में अधोसंरचना विकास और पुनर्वास कार्यों को 2300 करोड़ रूपये की स्वीकृति प्रदान की है। इसी तरह विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के प्रस्ताव अनुसार राज्य डाटा सेंटर के आधुनिकीकरण, आई.टी एवं डिजास्टर रिकवरी सहित अन्य कार्यों के लिए मंत्रि-परिषद ने 800 करोड़ की मंजूरी दी है। विभाग के ही तीन अन्य प्रस्तावों पर विज्ञान पार्क- एकल नागरिक डाटाबेस परियोजना और बॉयो टेक्नालॉजी पार्क की स्थापना एवं संचालन के लिए वर्ष 2031 तक निरंतरता के लिए 123 करोड़ की स्वीकृति दी गई है।

मंत्रि-परिषद ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के एक और प्रस्ताव अनुसार ईएसडीएम इन्वेस्टमेंट प्रमोशन पॉलिसी 2023 के संशोधन प्रस्ताव को स्वीकृति दी है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के तहत स्वामित्व योजना के निष्पादित हस्तांतरण अभिलेखों पर अतिरिक्त स्टांप शुल्क से छूट दिए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। विधि एवं विधायी कार्य विभाग द्वारा प्रस्तुत भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता विधेयक :2026 को भी मंत्रि-परिषद ने मंजूरी दी है। स्कूल शिक्षा विभाग के प्रस्ताव अनुसार मंत्रि-परिषद ने मुख्यमंत्री स्कूटी योजना को वर्ष 2031 तक निरंतर रखे जाने के लिए 495 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है। इसी तरह खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग द्वारा प्रस्तुत मध्यप्रदेश उपार्जित गेहूँ, चना, ज्वार एवं बाजरा निस्तारण नीति : 2026 को भी मंत्रि-परिषद ने स्वीकृति दी है। नगरीय विकास एवं आवास विभाग के प्रस्ताव अनुसार मध्यप्रदेश के 65 नगरीय निकायों और उनके आस-पास के वन क्षेत्रों में नगरीय वन विकसित करने के लिए नमो हरित नगर योजना को 100 करोड़ की स्वीकृति दी है।

जल संसाधन विभाग द्वारा पृथक-पृथक 3 सिंचाई परियोजनाओं में पुनर्वास और पुन: विस्थापन के लिए 3 प्रस्ताव अनुसार मंत्रि-परिषद ने पन्ना जिले की केन-बेतवा लिंक परियोजना, रूंज सिंचाई परियोजना और मझगांव सिंचाई परियोजना के डूब प्रभावितों के पुनर्वास और विस्थापन के लिए अतिरिक्त रूप से 202 करोड़ 50 लाख रूपये की राशि स्वीकृति दी है। मंत्रि-परिषद ने स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राजपत्रित सेवा भर्ती नियम : 2022 के तहत भर्ती प्रक्रिया को स्वीकृति दी। इसी तरह मंत्रि-परिषद द्वारा लीगल और डिफेंस काउंसिल सिस्टम योजना की वर्ष 2031 तक निरंतरता के लिए 42 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी है। वित्त विभाग के प्रस्ताव अनुसार विभिन्न लिखतों पर देय उपकार में छूट देने का निर्णय लिया गया है। मंत्रि-परिषद ने शिक्षा विभाग की लोक-वित्त पोषित कार्यक्रमों योजनाओं एवं परियोजनाओं के परिक्षण की योजना को 1 अप्रैल 2026 से मार्च 2031 तक की निरंतरता के लिए 543 करोड़ रूपये की मंजूरी दी है।

स्टेट डाटा सेंटर के आधुनिकीकरण, आईटी एवं डिजास्टर रिकवरी सहित अन्य कार्यों के लिए 800 करोड़ रूपये की मंजूरी

मंत्रि-परिषद ने एमपीएसईडीसी द्वारा संचालित एवं संग्रहीत म.प्र. स्टेट डाटा सेंटर के विस्तार और अद्यतन डाटा सेंटर 3.0 परियोजना के लिए 800 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है। स्वीकृति अनुसार म.प्र. स्टेट डाटा का आधुनिकीकरण, आईटी एवं डिजास्टर रिकवरी क्षमता विस्तार तथा संबंधित नॉन-आईटी अवसंरचना विकास किया जाएगा।