SSP से मिलने पहले बदमाशों को क्राइम ब्रांच ने उठाया, पुलिसिया अंदाज में खातिरदारी फिर भरवाया डोजियर
ग्वालियर. पुलिस ने शहर में कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाले बदमाशों के खिलाफ सख्त रूख अपनाया है। शुक्रवार को एक रसूखदार नेता की सिफारिश पर एसएसपी कार्यालय पहुंचे 4 हिस्ट्रीशीटर का क्राइम ब्रांच ने एसएसपी धर्मवीर सिंह से मिलने से पहले ही दबोच लिया। पुलिस ने चारों को क्राइम ब्रांच थाने ले गयी। जहां उनसे कड़ाई से पूछताछ की गयी और बाउंड ओवर की कार्यवाही की गयी।
गैंगस्टर विक्रम राणा अपने साथियों कपिल रावत, गजेन्द्र गडरा और शैलू उर्फ शैलेन्द्र गुर्जर के साथ किसी पुराने विरोधी बदमाश की शिकायत करने एसएसपी कार्यालय पहुंचा था। ऐसा बताया जा रहा है कि वह स्वयं को सुरक्षित दिखाने के उद्देश्य से पुलिस कप्तान से मिलना चाहता था।विक्रम राणा 3 दिन पहले ही जमानत पर जेल से बाहर आया है।
चारों बदमाश जैसे ही एसएसपी कार्यालय पहुंचे, उनकी मौजूदगी की सूचना क्राइम ब्रांच को मिली। टीम ने तत्काल घेराबंदी कर चारों को पकड़ लिया और सीधे क्राइम ब्रांच थाने ले गई। वहां उनसे भविष्य में शहर की शांति व्यवस्था भंग नहीं करने का लिखित आश्वासन लिया गया। पुलिस ने स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में वे किसी गैंगवार या अशांति फैलाने वाली गतिविधि में शामिल पाए गए तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए सीधे जेल भेजा जाएगा।
विक्रम राणा का आपराधिक रिकॉर्ड लंबा है। उसके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, लूट समेत 18 संगीन मामले दर्ज हैं। गजेंद्र गडरा पर 10, कपिल रावत पर 6 और शैलू गुर्जर पर 2 मामले दर्ज हैं। चारों पर कुल 36 आपराधिक प्रकरण दर्ज बताए गए हैं। करीब 15 दिन पहले विक्रम राणा पर कार सवार बदमाशों ने जानलेवा हमला किया था, जिसका सीसीटीवी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। हमले की शिकायत करने जब वह मुरार थाने पहुंचा था, तब बहोड़ापुर थाने के पुराने आर्म्स एक्ट मामले में फरार होने के कारण पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। हाल ही में वह जमानत पर रिहा हुआ था।