दुधारू पशुओं की वितरण पद्धति का आधार अति-गरीब को प्राथमिकता हो: राज्यपाल श्री पटेल

राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा है कि मुख्यमंत्री दुधारू पशु प्रदाय योजना के हितग्राहियों को दुग्ध संग्रहण एवं विपणन की मजबूत व्यवस्था उपलब्ध कराने के प्रयास किए जाए। उन्होंने कहा कि हितग्राही को उत्पादित दुग्ध का उचित मूल्य दिलाने के लिए परिवहन व्यवस्था विकसित की जानी चाहिए। विभागीय अथवा थर्ड पार्टी समन्वय से आवश्यक वाहनों की उपलब्धता पर विचार किया जाए।

राज्यपाल श्री पटेल बुधवार को लोक भवन में आयोजित पशुपालन एवं डेयरी विभाग के अधिकारियों से चर्चा कर रहे थे। बैठक में प्रदाय पशुओं के स्वास्थ्य, देखभाल एवं मॉनिटरिंग व्यवस्थाओं, हितग्राहियों को पशुपालन प्रशिक्षण, वनाधिकार पट्टा धारकों को लाभान्वित करने और हितग्राही अंशदान के संबंध जानकारी दी गई।

राज्यपाल श्री पटेल ने कहा है कि मुख्यमंत्री दुधारू पशु योजना अति-गरीब के पोषण और सतत् आजीविका की पहल है। योजना की सफलता के लिए अति-गरीब को प्राथमिकता वितरण पद्धति का आधार होना चाहिए। उन्होंने अति-पिछड़ी जनजातियों बैगा, भारिया और सहरिया के अति-गरीब को प्राथमिकता से लाभान्वित करने के प्रयासों पर बल दिया। उन्होंने कहा कि आबादी के अनुपात में वितरण की व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए। योजना की जानकारी के लिये अति-पिछड़ी जनजातियों के बीच प्रचार-प्रसार किया जाए। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि पशु वितरण कार्यक्रम में लाभान्वित महिला हितग्राहियों के माध्यम से पशुपालन व्यवस्थाओं और परिवार की आय में बढ़ोतरी के संबंध में जानकारी प्रदान करने की पहल करें। योजना की उपलब्धियों का वर्षवार चित्रात्मक विवरण संधारित किया जाए।