शहर की सड़क खोदने से कटी 3 चौराहों की आईटीएमएस केवल, सिग्नल ठप और यातायात जाम

ग्वालियर. स्मार्ट सिटी-नगरनिगम के अधिकारियों के आपसी तालमेल का खामियाजा शहरवासियों को भुगतना पड़ रहा है। लीकेज सुधारने के नाम पर इंटेलीजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) की केवल को काटा जा रहा है। हाल ही ऐसे 3 मामले सामने आये हैं। जब नगरनिगम के पीएचई अमले ने स्मार्ट सिटी के अधिकारियों को बिना बताये खुदाई की और परिणाम यह हुआ यातायात को नियत्रित करनेके लिये चेतकपुरी चौराहे पर लगे सिग्नल कटने से ट्रैफिक सिग्नल बंद हो गये। निगम का अमला लीकेज सुधारने के नाम पर बिना बताये शहर में खुदाई करता है। जिस वजह से शहर के अधिकांश यातायात सिग्नल की केवल कटने से बंद है। इन सिग्नल के बन्द होने से शासन को भी आर्थिक नुकसान हो रहा है। स्मार्ट सिटी ने 50 करोड़ रूपये की राशि खर्च कर सिटी के 31 तिराहे और चौराहा पर यह यातायात सिग्नल लगाये गये है। इनके माध्यम से जहां यातायात नियंत्रित कर रहे है। वही यातायात के नियमों को तोड़ने वालों पर भी जुर्माना नहीं वसूला जा रहा है।
रेवेन्यू का नुकसान
एक ट्रैफिक सिग्नल से रोज 5000 रुपए के चालान कटते हैं। यदि कोई ट्रैफिक सिग्नल 15 दिन तक बंद रहता है। तब 75 हजार रुपए का नुकसान होता है। अभी तक पीएचई की खुदाई के कारण तीन जंक्शन 15-15 दिन बंद रहे। ऐसे में 2.25 लाख रुपए के राजस्व का शासन को नुकसान हुआ है।
सड़क खोदने से कटी केबल
बिग्रेडियर तिराहा (काल्पी रोड)
27 फरवरी को बिग्रेडियर तिराहे पर पानी का लीकेज सुधारने के नाम पर सड़क खोदी। ​स्मार्ट सिटी से एनओसी नहीं ली। केबल कटने से सिग्नल 15 दिन बंद रहा।
बेटी बचाओ तिराहा (कंपू): 11 नवंबर 2025 को इस तिराहे पर बिना अनुमति खुदाई की गई। इससे ट्रैफिक सिग्नल की केबल कट गई। इस कारण 15 दिन तक ट्रैफिक सिग्नल बंद रहा।
चेतकपुरी चौराहा: 18 मार्च को लीकेज सुधारने के नाम पर जेसीबी से सड़क खोदी गई। खुदाई में ट्रैफिक सिग्नल की केबल टूट गई और सिग्नल बंद हो गया। अभी-भी यह सिग्नल बंद है।
अपर आयुक्त की स्वीकृति पर ही होगी खुदाई
ट्रैफिक सिग्नल के मामले में पीएचई नगर निगम के स्टाफ और ठेकेदार की लापरवाही सामने आई है। ठेकेदार से राशि भी वसूल की गई है। आगे से ​पीएचई के अधिकारियों को हिदायत दी गई है कि अपर आयुक्त की परमिशन के बिना खुदाई नहीं की जाए।
संघ प्रिय, आयुक्त, नगर निगम