ग्वालियर में इलेक्ट्रिक बसों के संचालन में लगाया जा रहा अंडगा

ग्वालियर। MP के 6 जिलों में इलेक्ट्रिक बसों के संचालन के लिए ग्रीन सेल कंपनी को ठेका दिया गया है। इन छह शहरों में ग्वालियर, इंदौर, भोपाल, जबलपुर,  उज्जैन, सागर शामिल हैं। कंपनी से इंदौर, भोपाल, जबलपुर नगर निगम ने बस संचालन के लिए अनुबंध कर लिया है। कंपनी ने प्रदेश के जिलों में बसों के संचालन के लिए अलग-अलग कंपनियों से अनुबंध किया है। मध्यप्रदेश में CESL कंपनी ने बसों के संचालन का कार्य ग्रीन सेल कंपनी को दिया है। ग्रीन सेल कंपनी ने बसों के संचालन के लिए इंदौर, जबलपुर, भोपाल नगर निगम ने अनुबंध कर लिया है, ग्वालियर नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि वह ग्रीन सेल की जगह CESL कंपनी से ही अनुबंध करेंगे। इसके चलते फिलहाल ग्वालियर में इलेक्ट्रिक बसें चलाने का कार्य सपने जैसा हो रहा है। वहीं ISBT  तक शहर से यात्रियों को ले जाने के लिए इलेक्ट्रिक बसों के रूट तय किए जा चुके हैं। इसके साथ ही शहर के उन हिस्सों में भी इलेक्ट्रिक बसों को चलाया जाना है जहां पर यात्री वाहनों की सुविधा कम है।
बन रहे हैं दो स्टेंड
ग्वालियर को मिलने वाली इलेक्ट्रिक बसों को रखने एवं संचालन के लिए रमौआ के पास बनाए जा रहे बस स्टेंड का कार्य लगभग 40 प्रतिशत पूर्ण हो चुका है। यहां से 60 बसों का संचालन होगा, जबकि 40 बसें आईएसबीटी से संचालित होंगी। आईएसबीटी पर इलेक्ट्रिक बसों को रखने के लिए अलग से जगह बनाई गई है, साथ ही वहां भी चार्जिंग स्टेशन बनाया जा रहा है।
रमौआ पर 20 और आईएसबीटी पर एक साथ चार्ज हो सकेंगी 10 बसें
रमौआ पर बन रहे स्टेंड पर 60 बसें खड़ी होंगी, वहां 10 चार्जिंग पॉइंट बनाए जा रहे हैं, जिससे एक साथ 20 बसें चार्ज हो सकेंगी। वहीं आईएसबीटी पर पीएम ई-बस सेवा की 40 बसों के लिए स्टेंड बनाया जा रहा है। यहां पांच चार्जिंग पॉइंट बनाए जा रहे हैं, जिनसे एक साथ 10 बसें चार्ज हो सकेंगी।
ISBT के सक्सेस का दारोमदार ईवी पर
ISBT को सफल बनाने के लिए प्रशासन ने इलेक्ट्रिक बसों पर दारोमदार छोड़ रखा है। इलेक्ट्रिक बसों के लिए तय किए गए रूटों आईएसबीटी तक पहुंचाने के लिए शहर के अधिकांश स्थानों को जोड़ा गया है, जिससे आईएसबीटी तक पहुंचने के लिए यात्री वाहनों की समस्या खत्म हो जाएगी।