मोहम्मद गौस का व्यू खराब न हो हजीरा फ्लाई ओवर के प्लान किया गया बदलाव, NOC मिलते ही फ्लाई ओवर बनाने का रास्ता साफ होगा

ग्वालियर. शहर के सबसे व्यस्तम इलाका हजीरा में फ्लाई ओवर के निर्माण को केन्द्रीय संस्कृति मंत्रालय के राष्ट्रीय संस्मारक प्राधिकरण से स्वीकृति मिलते ही यह फ्लाईओवर हजीरा पुल से मनोरंजनालय मैदान तक निर्माण किया जायेगा। जिससे आने वाले समय यातायात सुगम हो सके।
मोहम्मद गौस मकबरे के व्यू को लेकर इस फ्लाई ओवर में आपत्तियां आ रही थी। लेकिन इसके प्लान मंें संशोधन किया। फ्लाईओर की ऊंचाई 10 की जगह 10 की बजाय 8 मीटर कर दी गयी है। इतना ऊंचाई पर फ्लाई ओवर बनाये पर सहमत होकर संस्मारक प्राधिकरण ने अनुमति दे दी है। एएसआई मप्र के क्षेत्रीय निदेशक को पत्र भेजा है। उक्त निर्माण कार्य एएसआई भोपाल सर्किल के पुरातत्वविद अधीक्षण की निगरानी में कराया जाये। जिससे विरासत को कोई परेशानी नहीं आये।
मकान और दुकानें हटेगी
इस पूरे मार्ग पर सड़क के दोनों ओर दुकानें और मकान बने हुए है। यह उपनगर ग्वालियर का मुख्य बाजार है। अधिकारियों का अनुमान है कि यहां 70 से 75 दुकान और मकानों को हटाना पड़ेगा। अतिक्रमण की वजह से फ्लाईओवर का निर्माण मौजूदा परिस्थितियों में होना संभव नहीं है। दुकानें हटाने से बड़ा प्रभाव व्यापारियों पर पड़ेगा। क्योंकि वर्षो से उनके व्यापार की जगह खत्म होने की संभावना है।
यातायात सुधरेगा और व्यापार उजडेगा
किलागेट से हजीरा होते हुए गोले का मंदिर और चार शहर का नाका रूट पर प्रतिदिन 80 से 85 हजार छोटे-बड़े वाहनों का यातायात दबाव रहता है। यहां किलागेट से हजीरा चोराहे तक दुकानों एवं हॉकर्स के अतिक्रमण से सड़क संकरी हो गयी है। इस वजह से यहां यातायात जाम बड़ी की परेशानी है। यह फ्लाईओवर बनने से मौजूदा सड़क का 70 यातायात का दबाव शिफ्ट होने का अनुमान है। इससे लोगों को जाम की समस्या से राहत मिल सकेगी।