निरावली तिराहा बना जानलेवा, एक साल में 17 दुर्घटनायें

ग्वालियर. शहर के प्रवेशमार्ग पुरानी छावनी इलाके के निरावली चौराहा पर बना तिराहा है एक्सीडेंट का हॉट स्पॉट बन गया है। पिछले एक वर्ष में यहां पर 17 से अधिक एक्सीडेंट में 4 लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि 13 गंभीर हुए। इसकी वजह है लक्ष्मणगढ़ की ओर आने पुल से उतरते समय भारी वाहन रफ्तार पर काबू नहीं होने की वजह से पुरानी छावनी की ओर से आने व्हीकल से टकरा जाते हैं। वाई आकार में होने से जक्शन हाइवै तो क्या सामान्य सड़कों पर भी खतरनाक माने जाते है। एक्सीडेंट जैसी दुर्घटनाओं से बचने के लिये यहां वाहनों की क्रॉसिंग बन्दकर बानमोर की तरफ आधा किमी आगे सड़क चौडी कर नया चौराहा बनाया जाये तो आये दिन होने वाले सड़क दुर्घटनाओं से निजात मिल सकती है। नया चौराहा बनने से वाहनों को संभलने के लिये जगह भी मिलेगी।
दुर्घटना में मौतों का आंकड़ा बढ़ा
साल 2024 में 2040 हादसे हुए थे, जो 2025 में घटकर 1951 रह गए। लेकिन मौतों का आंकड़ा 351 से बढ़कर 377 पहुंच गया। यानी हादसे अब ज्यादा जानलेवा हो रहे हैं।
जिले में सड़क हादसों व मौत का कारण पुलिस के आई रेड एप पर दर्ज किया जाता है। इस एप पर दुर्घटनाओं का डाटा दर्ज करने में ग्वालियर पूरे प्रदेश में दूसरे नंबर पर है।
रिकॉर्ड में 70% मौतों का कारण ‘ओवरस्पीड’ होता है। लेकिन कई हादसों की वजह नशा और हेलमेट न पहनना भी रहता है। पुलिस ऐसा इसलिए करती है जिससे पीड़ितों को बीमा क्लेम में परेशानी न हो।
दुर्घटनाओं रोकने के प्रयास जारी है
ग्वालियर के निरावली हादसों मौतों को रोकने के लिये चिन्हित ब्लैक स्पाट पर दुर्घटनाओं को रोकने ट्रैफिक इंजीनियरिंग से प्रबंधन किये गये है। इसी तरह से सिकरौदा पर भी सुधार के काम जारी, निरावली पर हुए दुर्घटनाओं की समीक्षा की जा रही है।
अनु बैनीवाल, एएसपी, यातायात
हाइवे के निरावली चौराहा के आसपास 2025 में 17 सड़क हादसों में 4 मौत व 14 गंभीर घायल हुए हैं। इस चौराहा के आसपास स्पीड कम करने के लिए उपाय भी किए गए हैं।
संतोष यादव, टीआई पुरानी छावनी