गैंगवार में 35 से अधिक गोलियां चली, तब 10 हजार रूपये का इनामी पकड़ाया
ग्वालियर. दो माह पूर्व आधी घने अंधेरे में आधी रात को गैंगवार की घटना सामने आई थी। वर्चस्व और 5 लाख रूपये के लेन-देन को लेकर बदमाश रिंकू कमरिया गैंग ने ताबड़तोड़ गोलियां चलाई थी। बदमाशों ने दोस्त को छोड़कर घर लौट रहे हवलदार के बेटे सहित 2 युवकों पर लगभग 15 मिनट में 35 से अधिक गोलियां फायर की थी। इस हमले में हवलदार का बेटा समेत 2 लोग जख्मी हुए थे।
यह घटना घासमंड़ी इलाके के कोटेश्वर रोड पर हुई थी। इस मामले में फरार चल रहे 10 हजार रूपये के इनामी बदमाश मनीष यादव को मंगलवार की रात पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, गैंगवार के मास्टरमाइड रिंकू कमरिया सहित 10 आरोपियों को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। पकड़े गये आरोपी मनीष यादव पर ही गोलियां दागने का आरोप है।
35 से अधिक गोलियां फायर की
दरअसल, शिवनगर घोसीपुरा, जनकगंज निवासी विजयसिंह गौड़ के पिता मध्यप्रदेश पुलिस में हेड कांस्टेबल है। 2 माह पहले ही रविवार की रात विजय अपने दोस्त बल्लू सरकार और हाकिम सिंह बघेल पाटनकर के साथ कार से घासमंड़ी छोड़ने गया था। लौटते वक्त कोटेश्वर मार्ग पर बदमाश रिंकू कमरिया, अन्नी कमरिया, छोटू कमरिया, चेतन पांडे, प्रियांशु, अन्नी उर्फ अनिल कमरिया, कालू कमरिया और रमेश कमरिया ने उन्हें घेर लिया और अंधाधुंध फायरिंग कर दी। लगभग 15 मिनट तक चली फायरिंग में 35 से ज्यादा गोलियां दागी। जिसमें विजय गौड़ को 3 और हाकिम सिंह को 1 गोली लगी। घटना के बाद सभी बदमाश मौके से फरार हो गये थे।
1 आरोपी अब भी फरार
ग्वालियर थाना प्रभारी टीआई शैलेन्द्र शर्मा ने बताया कि सूचना मिली थी कि हत्या के प्रयास के मामले में फरार इनामी बदमाश मनीष यादव घासमंडी चौराहा के पास देखा गया है। सूचना मिलते ही एसआई अजय सिंह सिकरवार, आरक्षक ब्रजकिशोर, अर्पण त्रिपाठी, नागर सिंह और अशोक गुर्जर की टीम को मौके पर भेजा गया।पुलिस को देखते ही इनामी बदमाश ने भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस की सतर्कता से उसे पकड़ लिया गया। पकड़े गए आरोपी की पहचान मनीष यादव पुत्र पलुआ उर्फ परमाल सिंह यादव, निवासी बुलबुलपुरा, मिर्जापुर, घासमंडी के रूप में हुई है। इस मामले में मास्टरमाइंड रिंकू कमरिया समेत 10 आरोपी पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं। फिलहाल इस केस में सिर्फ राहुल फौजी फरार है, जिसकी तलाश जारी है।