EXCLUSIVE: पश्चिम बंगाल में बीजेपी की रथयात्रा रोकने का ‘खुफ़िया खेल’!
बीजेपी के सियासी रथ के पहिए पश्चिम बंगाल की ज़मीन पर दिसंबर में ‘रथयात्रा’ के लिए एक इंच भी आगे खिसक पाते, उससे पहले ही उन्हें जाम कर दिया गया. रथयात्रा पर रोक धुंधली और अस्पष्ट इटेंलीजेंस रिपोर्ट के आधार पर लगाई गई. यानि रोक का फैसला उन ‘ज़मीनी सुरागों’ के आधार पर नहीं लिया गया, जिनका दावा ममता बनर्जी सरकार ने किया था. इंडिया टुडे की स्पेशल इंवेस्टीगेशन टीम (SIT) ने अपनी पड़ताल के बाद ऐसा दावा किया है.
बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने समूचे पश्चिम बंगाल में पार्टी का अलख जगाने के लिए रथयात्रा की खास रणनीति बनाई थी. इसके तहत 7 दिसंबर को राज्य के कूचबिहार से, 9 दिसंबर को 24 परगना से और 14 दिसंबर को बीरभूम से ‘रथयात्रा’ निकलनी थीं. ममता बनर्जी सरकार ने रथयात्रा के लिए इजाज़त नहीं दी. इसके पीछे उन इंटेलीजेंस रिपोर्ट्स का हवाला दिया गया जिनके मुताबिक साम्प्रदायिक सौहार्द को ख़तरे का अंदेशा था. बीजेपी ने रथयात्रा पर रोक के फैसले को अदालत में चुनौती दी लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने पार्टी की याचिका खारिज कर दी. सुप्रीम कोर्ट ने साथ ही कहा- “राज्य सरकार की ओर से जताई गई आशंकाएं बेबुनियाद नहीं हैं.”