7 पूर्व नौसेनिक वतन वापिस लौटे, पुर्णेन्दु का इंतजार है बहन को, जल्द भाई भी लौटेंगे
ग्वालियर. भारतीय नौसेना के 8 पूर्व अधिकारी कतर दोहा में जासूसी के आरोप में गिरफ्तार हुए थे। जिनको कतर के न्यायालय ने फांसी की सजा सुनाई थी। लेकिन भारत के विदेश मंत्रालय के प्रयास के बाद भी 8 पूर्व नौसेनिकों को रिहा कर दिया गया है। इनमें से 7 देश में वापिस लौट आये हैं। सिर्फ एक कमाण्डर पूर्णेन्दु तिवारी अभी कागजी कार्यवाही के चलते हुए कतर में रूके हुए हैं।
पुणेंन्दु की बहन डॉ. मीतू भार्गव ग्वालियर की विंडसर हिल्स टाउनशिप में रहती है। 8 पूर्व नौसेनिक के रिहा होने और 7 के वापिस अपने वतन लौटने पर डॉ. मीतू भार्ग ने खुशी जाहिर की है। अभी उनके भाई वापिस नहीं आये है। इस पर उनका कहना है कि कुछ औपचारिकता पूरी होना शेष है। जिस वजह से उनके भाई को रोका गया है। कागजी कार्यवाही होने के बाद भी वापिस भारत आयेंगे।
ट्रेवल बेन की वजह से नहीं आ सके भाई
बातचीत के दौरान डॉक्टर नीतू भार्गव ने कहा कि मुझे रात में ही खबर मिली की कतर द्वारा उनके भाई पूर्व कमांडेंट पूर्णेन्दु तिवारी सहित आठ पूर्व नौसेनिक की सजा माफ कर उनको रिहा कर दिया है। इसके अलावा बड़ी खुशी की बात यह थी कि 7 लोग सकुशल वापस भारत भी लौट चुके हैं लेकिन उनके भाई अब तक भारत वापस नहीं आए हैं उन्होंने बताया कि अभी उन पर ट्रैवल बेन की वजह से वह भारत नहीं लौट पाए हैं लेकिन जल्दी ही भारत वापस आ जाएंगे। उन्होंने कहा कि भारत सरकार द्वारा इस मुहिम के लिए मैं प्रधानमंत्री सहित सभी को धन्यवाद देती हूं।
अभी खुशी अधूरी है
डॉक्टर भार्गव ने कहा कि अभी हमारी खुशी कुछ अधूरी है। क्योंकि अभी मेरे भाई पूर्व कमांडेंट पूर्णेन्दु तिवारी नहीं आ पाए हैं। लेकिन कतर के इस निर्णय का हम तहे दिल से स्वागत करते हैं। और कतर के अमीर का भी शुक्रिया करते हैं। उन्होंने बताया कि मेरी मेरे भाई से भी बात हुई है। वे कतर में अपने घर पर पहुंच गए हैं और दिखने में भी अच्छे लग रहे हैं। उन्हें इस स्थिति में देख कर बहुत खुशी हो रही है। जो शब्दों में बयां नहीं की जा सकती है, लेकिन जब तक वह भारत वापस लौटकर नहीं आ जाते हैं। तब तक हमारे परिवार की खुशी अधूरी है। संभावना है कि एक से दो दिन में वह भी जल्द भारत लौट आएंगे।