बहनों को सशक्त और सक्षम बनाने के लिए बनी है लाड़ली बहना सेना

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रदेश के गाँव-गाँव, शहर-शहर में लाड़ली बहना सेनाएँ बनाई गई हैं। उद्देश्य बहनों को सशक्त और सक्षम बनाना है। यह सेना बहनों और बेटियों से संबंधित और अन्य योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में सक्रिय भूमिका निभाएंगी। साथ ही लोगों को योजनाओं का लाभ लेने के संबंध में जागरूक भी करेंगी। इस तरह प्रदेश के विकास और जनता के कल्याण में इनकी भूमिका महत्वपूर्ण होगी। इस संबंध में इन्हें प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रत्येक माह लाड़ली बहना सेना की दो बैठकें होंगी।

लाड़ली बहना महासभा आयोजित

मुख्यमंत्री श्री चौहान की उपस्थिति में लाड़ली बहना महासम्मेलन की शुरूआत में गाँव की बहनों द्वारा लाड़ली बहना महासभा हुई। प्रारंभ में महिलाओं ने श्रीमती जीना भाटी का महासभा की अध्यक्ष के रूप में चयन किया। महासभा में निर्धारित विषयों लाड़ली बहना योजना में प्राप्त राशि का उपयोग, महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण, पूरक पोषण प्रदाय, बालिका शिक्षा को बढ़ावा, बाल विवाह की रोकथाम, घरेलू हिंसा से महिलाओं को बचाना, पर चर्चा की गई। लीला दीदी, किरण दीदी, फेबिदा खान दीदी आदि ने इन विषय पर अपने विचार रख।

मुख्यमंत्री श्री चौहान आज धार जिले के मोहनखेड़ा में लाड़ली बहना महासम्मेलन मैं बहनों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने लाड़ली बहना सेना को सामूहिक शपथ दिलवाई। साथ ही लाड़ली बहनों को बहन-बेटियों के कल्याण और प्रदेश के विकास में पूरा सहयोग करने का संकल्प दिलाया।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने सामूहिक संगठन की शक्ति पर बल देते हुए कहा कि जिस प्रकार एक लकड़ी को कोई भी तोड़ लेता है, पर लकड़ी के गठ्ठे को तोड़ना मुश्किल होता है, उसी प्रकार यदि सब बहनें एक हो जाएं तो उन्हें कोई भी दबा नहीं सकेगा, परेशान नहीं कर सकेगा, बल्कि वे दूसरों को ताकत प्रदान करेंगी। लाड़ली बहना सेना के गठन के पीछे यही मुख्य अवधारणा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रदेश में लाड़ली बहना सेना का पहला सम्मेलन हो रहा है। हम सब मिलकर मजबूत बनेंगे और देश-दुनिया में नया इतिहास रचेंगे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने लाड़ली बहना सेना को शपथ दिलाई कि - "वे क्षेत्र की बहनों के कल्याण के लिए सरकारी योजनाओं की जानकारी उन्हें देंगी, जागरूक करेंगी, क्षेत्र की जनता को सरकार की सभी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ दिलाने के लिए हर संभव सहयोग करेंगी, सभी बहनों की अपने परिवार की सदस्य की तरह चिंता करेंगी और उन्हें पैरों पर खड़ा होने में पूरी मदद करेंगी। इसके साथ ही सामाजिक अभियानों जैसे नशा मुक्ति पेड़ लगाने, बिजली बचाने, बेटी बचाने, बेटी पढ़ाने, पानी बचाने जैसे अभियानों में सक्रिय भूमिका निभाएंगी।"