मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना से महिलाएँ आर्थिक रूप से सशक्त और आत्म-निर्भर होंगी : राज्यपाल श्री पटेल

राज्यपाल श्री मंगूभाई पटेल और मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान आज डिंडोरी जिले के रजत जयंती समारोह और महिला सम्मेलन में शामिल हुए। उन्होंने जिले की स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने पर विकास की अनेक सौगातें देते हुए विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन किया। समारोह में मुख्यमंत्री आवासीय भू-अधिकार योजना में हितग्राहियों को आवासीय भूमि के अधिकार-पत्र और विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं में हितलाभ वितरित किए। राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने डिंडोरी जिले के विकास की परिकल्पना पर केंद्रित पुस्तिका "विजन डॉक्यूमेंट" का विमोचन और डिंडोरी नर्मदा यात्रा की वेबसाइट का अनावरण भी किया। राज्यपाल श्री पटेल और मुख्यमंत्री श्री चौहान ने डिंडोरी जिले के स्थापना की रजत जयंती पर जिलेवासियों को शुभकामनाएँ दी।

राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना से प्रदेश की बहनें आर्थिक रूप से और सशक्त और आत्म-निर्भर होंगी। बहनें अब और मज़बूती से अपनी बातें रख पायेंगी। राज्यपाल ने आह्वान किया कि बच्चों का अच्छा स्वास्थ्य एवं शिक्षा प्रगति के लिए अहम है। इस दिशा में शासन के प्रयास में सभी अभिभावक अपनी ज़िम्मेदारी का निर्वहन करें। यह प्रसन्नता का विषय है कि राज्य सरकार सभी वर्गों, युवा, महिला, वंचित वर्ग एवं जनजातीय विकास के लिए पूरे समर्पण से कार्य कर रही है। राज्य सरकार ने जल, जंगल एवं ज़मीन पर जनजातीय समाज के पारंपरिक अधिकारों को सशक्त बनाने के लिए जनजातीय बहुल 20 ज़िलों में पेसा एक्ट लागू कर दिया है। उन्होंने शासन द्वारा महिलाओं के लघु, सूक्ष्म एवं मध्यम उद्यमों को सरकारी ख़रीद में प्राथमिकता देने के निर्णय की सराहना की। साथ ही मातृ वंदना योजना के क्रियान्वयन में प्रथम रहने पर राज्य सरकार को बधाई दी।

राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने भारत से सिकल सेल एनीमिया एवं टीबी के उन्मूलन का संकल्प लिया है। इस जनहितकारी संकल्प को सफल बनाने के लिए हम सभी को एकजुट होकर प्रयास करना होंगे। विशेषकर जनजातीय बहुल 20 ज़िले, जो इस रोग से सबसे ज़्यादा प्रभावित हैं, में इसकी जाँच प्रारंभ की जा चुकी है, सभी नागरिक अपनी जाँच अवश्य करायें। केंद्र सरकार द्वारा आनुवांशिक सिकल सेल एनीमिया के लिए वर्ष 2047 एवं टीबी उन्मूलन के लिए वर्ष 2025 तक का लक्ष्य रखा गया है। राज्यपाल ने कहा कि टीबी रोग को छुपाये नहीं, लक्षण होने पर तुरंत चिकित्सकीय परामर्श प्राप्त करें।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा है कि राज्य शासन का संकल्प बहनों की गरीबी दूर कर उन्हें आगे बढ़ाना और लखपति क्लब में शामिल कराना है। आजीविका मिशन में स्व-सहायता समूह की बहनों को रोजगारमूलक कार्यों से जोड़ने और आय बढ़ाने के कार्यों को सरकार आंदोलन का स्वरूप देगी। प्रदेश में बेटियों के कल्याण और सम्मान के लिए राज्य शासन की अनेक योजनाओं के सकारात्मक परिणाम मिल रहे हैं। हाल ही में शुरू हुई मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना से गरीब बहनों की जिंदगी बदल जायेगी, वे सम्मानपूर्वक आत्म-निर्भरता की ओर बढ़ेगी।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि डिंडोरी की जनता अभिनन्दनीय है। जिले में बेटों से अधिक बेटियों का जन्म होता है। यह साधारण बात नहीं है। यहाँ 1000 बेटों के अनुपात में बेटियों की संख्या 1104 है। डिंडोरी जिला माता-बहनों का सम्मान करना जानता है। यहाँ बहनें प्रगतिशील है, वे कोदो-कुटकी आदि मोटे अनाज के उन्नत बीज के संरक्षण का कार्य कर रही हैं। उन्होंने डिंडोरी की बहुत सी कृषि भूमि को रासायनिक खाद के उपयोग से बचा कर जमीन की उर्वरा शक्ति को संरक्षित करने का महत्वपूर्ण कार्य किया है। राज्य सरकार प्रदेश में कृषि को उन्नत और विकसित करने के प्रयास में किसान दीदियों के साथ है।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में माँ, बहन और बेटियों को भरपूर सम्मान दिया गया है। राज्य सरकार ने बेटियों को बचाने और बढ़ाने के प्रयास वर्ष 2003 से शुरू कर दिये थे। लाड़ली लक्ष्मी योजना से बेटियों को बचाने, उन्हें लखपति बनाने और पढ़ाई-लिखाई का इंतजाम किया गया। अब बेटियाँ परिवार पर बोझ नहीं है। राज्य शासन द्वारा गरीब परिवार की बेटियों का विवाह मुख्यमंत्री विवाह-निकाह योजना में करवाया जा रहा है। उन्हें विवाह के समय 49 हजार रूपये का चेक उपहार स्वरूप भेंट किया जा रहा है।