सिकलसेल और टीबी मुक्त प्रदेश बनाने में सभी सहभागी बने : राज्यपाल श्री पटेल

राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान आज उमरिया जिले में राज्य स्तरीय रोजगार दिवस और महिला सम्मेलन में शामिल हुए। राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने प्रदेश की 1309 एमएसएमई इकाइयों को 271 करोड़ 41 लाख रूपये का अनुदान और 2 लाख 26 हजार 647 युवाओं को विभिन्न स्व-रोजगार योजनाओं में 2114 करोड़ 48 लाख रूपये के लोन उपलब्ध कराने की प्रतीकात्मक शुरूआत की। कार्यक्रम में 388 करोड़ रूपये के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन भी किया गया। मुख्यमंत्री ने स्व-रोजगार से जुड़े सागर, ग्वालियर, उज्जैन और मण्डला जिले के युवाओं से वर्चुअली संवाद कर उनका मनोबल बढ़ाया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने विभिन्न योजनाओं में हितग्राहियों को हितलाभ भी वितरित किये।

राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने भारत से सिकल सेल एनीमिया एवं टीबी के उन्मूलन का संकल्प लिया है। इस जनहितकारी संकल्प को सफल बनाने के लिए हम सभी को एकजुट होकर प्रयास करना होंगे। विशेषकर जनजातीय बहुल 20 ज़िले जो इस रोग से सबसे ज़्यादा प्रभावित हैं, वहाँ इसकी जाँच प्रारंभ की जा चुकी है, सभी नागरिक अपनी जाँच अवश्य करायें। केंद्र सरकार द्वारा आनुवांशिक सिकल सेल एनीमिया के लिए वर्ष 2047 एवं टीबी उन्मूलन के लिए वर्ष 2025 तक का लक्ष्य रखा गया है। राज्यपाल ने कहा कि टीबी रोग को छुपाये नहीं, लक्षण होने पर तुरंत चिकित्सकीय परामर्श प्राप्त करें।

राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि हमारा देश गाँवों में बसता है। गाँव की ख़ुशहाली से देश मज़बूत और विकसित होगा। ग्रामीण विकास की केंद्रीय एवं राज्य सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश सदैव अव्वल रहता है। उन्होंने शासन द्वारा महिलाओं के लघु, सूक्ष्म एवं मध्यम उद्यमों को सरकारी ख़रीद में प्राथमिकता देने के निर्णय की सराहना की। साथ ही मातृ वंदना योजना के क्रियान्वयन में प्रथम रहने पर राज्य सरकार को बधाई दी। राज्यपाल ने लाड़ली लक्ष्मी योजना एवं मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना का उल्लेख करते हुए राज्य सरकार के महिला सशक्तिकरण के प्रयासों की सराहना की।

राज्यपाल ने कहा कि यह प्रसन्नता का विषय है कि राज्य सरकार सभी वर्गों, युवा, महिला, वंचित वर्ग एवं जनजातीय विकास के लिए पूरे समर्पण से कार्य कर रही है। राज्य सरकार ने जल, जंगल एवं ज़मीन पर जनजातीय समाज के पारंपरिक अधिकारों को सशक्त बनाने के लिए जनजातीय बहुल 20 ज़िलों के 11 हज़ार 457 ग्रामों में पेसा एक्ट लागू कर दिया है।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश की बहनों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना बनाई गई है। योजना से बहनें लाभ लेकर आत्म-निर्भर होंगी और उनकी छोटी-छोटी आर्थिक जरूरतें पूरी हो सकेंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि 10 जून बहनों की जिन्दगी में नया सौभाग्य लायेगा। इस दिन पात्र सभी बहनों के खाते में एक-एक हजार रूपये की राशि अंतरित की जाएगी। यह योजना बहनों की जिंदगी एवं हालात बदल देगी। बहनों के खाते में अंतरित की जाने वाली राशि का सिलसिला निरंतर जारी रहेगा।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में पहले बेटियों को बोझ समझा जाता था। आधुनिक चिकित्सा संसाधनों का सहारा लेकर कोख में ही बेटियो का कत्ल कर दिया जाता था। इस स्थिति को सुधारने के लिए मैंने तय किया कि बेटियों को भी बेटों के समान विकास के सभी अवसर मुहैया हो। इसलिए हमारी सरकार ने तय किया कि प्रदेश में पैदा होने वाली बेटी लखपति बन कर आये। इस उद्देश्य से लाड़ली लक्ष्मी योजना शुरू की गई। आज प्रदेश में करीब 46 लाख लाड़ली बेटियाँ बन चुकी हैं। उन्हें सशक्त बनाने के लिये भी अनेक योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है। साथ ही उनके विवाह की व्यवस्था मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना में राज्य सरकार कर रही है।