प्रधानमंत्री को जनता से सीधे जोड़ती मन की बात : राज्यपाल श्री पटेल

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मन की बात के 100वें एपिसोड प्रसारण कार्यक्रम में राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल, प्रदेश के पद्म पुरस्कार से सम्मानित और मन की बात में उल्लेखित विभूतियों एवं आमंत्रित गणमान्य अतिथियों के साथ राजभवन में शामिल हुए। मन की बात कार्यक्रम का विशेष आयोजन राजभवन के विशाल सभागार सांदीपनि में किया गया।

मन की बात ने लोकतंत्र और शासन में जनता का विश्वास मजबूत किया

राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कार्यक्रम प्रारंभ होने से पहले आमंत्रित अतिथियों को संबोधित कर कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के गुजरात मुख्यमंत्री कार्यकाल में उनके मंत्री-मंडल के सदस्य रूप में 14 वर्ष कार्य के अनुभव के आधार पर, वह कह सकते हैं कि श्री मोदी जी अत्यंत संवेदनशील व्यक्ति हैं। उनकी संवेदनशीलता में मानव और पशु समान रूप से शामिल हैं। श्री पटेल ने प्रधानमंत्री की संवेदनशीलता के दो प्रसंगों का उल्लेख किया। बताया कि जब सासन गिर राष्ट्रीय उद्यान में एक सिंह के शिकार की घटना हुई, तब गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में श्री मोदी जी तत्काल घटनास्थल पर पहुँच गए थे। देर रात में प्राणों की चिंता किए बिना बीच जंगल में जाकर घटना की मौके पर समीक्षा की। इसी तरह सूरत शहर में आई बाढ़ के दौरान 14 फीट गहरे पानी के बीच नाव में बैठ कर बाढ़ पीड़ितों के दुख-दर्द को जानने अविलम्ब, उनके बीच पहुँच गए थे।

राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि लोकतांत्रिक राज व्यवस्था में प्रधानमंत्री को सीधे जनता से जोड़ने का अद्भुत प्लेटफार्म मन की बात कार्यक्रम है। मोदी जी असाधारण प्रतिभा सम्पन्न, सार्वभौमिक रूप से धनी वक्ता हैं, जो लोगों की बारीकियों पर ध्यान देते हैं। मनोभावों को समझ कर, उनसे सीधा संपर्क कायम कर लेते हैं। यही कारण है कि आज दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के सर्वाधिक प्रिय और विश्व के अद्वितीय राजनेता के रूप में उनकी पहचान बनी है। उन्होंने लोकतंत्र और शासन में लोगों के विश्वास को बहुत अधिक मज़बूत बनाया है। मन की बात के श्रोताओं को मोदी जी के द्वारा निःस्वार्थ भाव से काम करने, बदलाव लाने वालों की कहानियों को सुन कर, सेवा कार्यों, नवाचार की प्रेरणा और आत्मबल मिलता है।