विधायक घायल लाठीचार्ज में, प्रदर्शन कर रहे लोगों पर हुआ लाठीचार्ज, एमपी और राजस्थान के लोगों ने शव रखकर प्रदर्शन, पुलिस और पब्लिक के बीच हुई झड़प
श्योपुर. मध्यप्रदेश की सीमा से लगे राजस्थान के कुछ लोगों ने एक व्यक्ति का शव रखकर चक्काजाम करते हुए प्रदर्शन किया। इस बीच पुलिस और भीड़ के बीच जमकर झड़प भी हुई। पुलिस ने मृतक के परिजनों और भीड़ पर जमकर लाठी चार्ज किया। इसमें कांग्रेस विधायक बाबूलाल जंडेल समेत 20 से अधिक लोग घायल हो गये। देर शाम तक प्रदर्शन जारी रहा।
पुलिस ने प्रताडित किया तो बेटे ने की आत्महत्या
दरअसल, राजस्थान के खातोली कस्बा निवासी धर्मेन्द्र पिता रघुनाथ परेता पर श्योपुर जिले के देहात थाना पुलिस ने ईको कार में 7 पेटी अवैध शराब भरकर ले जाने का प्रकरण दर्ज किया था और इसके बाद मंगलवार को धर्मेन्द्र ने आत्महत्या कर ली। धर्मेन्द्र के परिजनों का आरोप है कि श्योपुर जिले की देहात थाना पुलिस ने उनके बेटे और उसकी कार पर अवैध शराब का झूठा केस दज्र किया है। पुलिस ने झूठे केस में फंसा कर प्रताडि़त किया। जिसकी वजह से उसने आत्महत्या की है। मृतक के परिजनों ने मांग की। देहात पुलिस थाने के दोषी स्टाफ के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाये। उन्हें निलंबित किया जाये। पकड़ी गयी गाड़ी को छोड़ा जाये और केस वापिस लिया जाये।
एफआईआर करने वाले को करें निलंबित
धर्मेन्द्र पत्नी सुनीता का कहना है कि उनके पति धर्मेन्द्र आटा चक्की चलाकर और गाड़ी से पार्टी छोड़ कर परिवार का गुजारा करते थे। उनके मरने केबाद उनके परिवार का गुजारा कौन करेगा और गाड़ी की किस्त कौन भरेगा। झूठे केस में फंसाने वालों पर एफआईआर दर्ज की जाये और उन्हें तत्काल निलंबित किया जाये। वहीं धर्मेन्द्र की मामी कृष्णा शिवहरे ने कहा है कि पुलिस वालों ने सबको मारा है। महिलाओं को भी मारा और बच्चों को भी पीटा है।
एसपी ने टीआई को किया निलंबित
श्योपुर एसपी आलोक कुमार सिंह ने बताया है कि मृतक के परिजनों की शिकायत पर आवश्यक कार्यवाही की गयी है। निष्पक्ष जांच के निर्देश दिये हैं। जांच में जो भी तथ्य सामने आयेंगे उसके अनुसार कार्यवाही की जायेगी। फिलहाल थाना प्रभारी देहात विकास तोमर को निलंबित कर दिया है। एफआईआर में जिसका नाम आयेगा उस पर भी एक्शन होगा।
लाठीचार्ज में विधायक सहित कई लोग घायल
मध्यप्रदेश और राजस्थान सीमा पर जलालपुरा के पास परिजन थाने के सामने धर्मेन्द्र का शव रखकर प्रदर्शन कर रहे थे। इस बीच घटना पर लोगों की भारी भीड़ जमा थी। इसमें कांग्रेस विधायक बाबू जंडेल भी शामिल हो गये। धर्मेन्द्र के परिजनों के साथ धरना देकर देहात थाना प्रभारी पर गंभीर आरोप लगाकर उनके खिलाफ अपराधिक मुकदमा दर्ज करने की मांग करने लग गये। इस बीच पुलिस ने भीड़ को खदेड़ने के लिये लाठीचार्ज शुरू किया। नाराज भीड़ ने पुलिस और प्रशासन की गाडि़यों पर पथराव कर दिया। जिसमें 9 गाडि़यां क्षतिग्रस्त हो गयी। पुलिस की लाठीचार्ज में कांग्रेस विधायक बाबू जंडेल समेत कई महिला-पुरूष जख्मी हो गये। विधायक को चारपाई पर लेटर डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार किया है।
निर्दोष व्यक्ति पर लगाया आरोप-विधायक बाबू जंडेल
विधायक बाबू जंडेल ने कहा है कि मैं भारत जोड़ों यात्रा में था। मुझे फोन आया कि पुलिस ने एक शख्स को पकड़ा है। उसे पकड़ कर श्योपुर ले आये। पुलिस ने 2 लाख रूपये की मांग की है। परिजन ने 50 हजार रूपये होने की बात कहीं। युवक ने परिवार का नाम खराब न हो इसलिये उसने आत्महत्या कर ली। मैं उनके परिवार के समर्थन में प्रदर्शन करने आया, तो लाठीचार्ज में मैं भी घायल होगया। पुलिस वालों ने मेरे गार्ड को भी मारा। विधायक का आरोप है कि पुलिस ने निर्दोष व्यक्ति पर एफआईआर दर्ज करके उससे रूपाये की मांग की है। मांग पूरी नहीं होने पर युवक के खिलाफ शराब का झूठा प्रकरण दर्ज किया है। प्रताड़ना से तंग आकर उसने आत्महत्या कर ली। इस पूरे मामले में देहात थाना प्रभारी और उसका स्टाफ दोषी है। यह हर जगह तानाशाही करता है। भाजपा के नेताओं की शह पर लगत काम करता है। इस मामले में देहात थाना प्रभारी समेत अन्य पुलिसकर्मियों पर मुकदमा दर्ज किया जाये।