MP में बंद होंगी 899 बसें, सरकार के आदेश पर हाईकोर्ट ने भी लगाई मुहर
भोपाल. मध्यप्रदेश में अब 15 साल पुरानी बसें नहीं दौड़ेंगी। ऐसी 899 बसों के सड़क से बाहर होने का रास्ता साफ हो गया। हाईकोर्ट ने गुरुवार को राज्य सरकार के 14 नवंबर 2025 को जारी आदेश को पूरी तरह वैध करार दिया है। इसके तहत 15 साल से अधिक पुरानी कमर्शियल बसों को चलाने पर सरकार ने रोक लगाई थी। जस्टिस विशाल मिश्रा की सिंगल बेंच ने बस ऑपरेटरों की दायर सभी 10 याचिकाओं को खारिज करते हुए साफ किया कि राज्य सरकार को परिवहन नीति बनाने और जनता के हित में निर्णय लेने का पूरा अधिकार है।
कोर्ट ने यह भी कहा कि जब नियमों में संशोधन को पहले ही वैध ठहराया जा चुका है, तो उस आधार पर जारी प्रशासनिक आदेश को अवैध नहीं कहा जा सकता। यात्री सुरक्षा और पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए सरकार को स्टेज कैरिज परमिट से जुड़ी नीतियां बनाने का अधिकार है। कोर्ट ने इसी साल 27 फरवरी को सुरक्षित रखा फैसला गुुरुवार को सुनाया।
बस ऑपरेटरों ने खोला मोर्चा, लगाई याचिका
सरकार के इस आदेश पर बस ऑपरेटरों ने मोर्चा खोल लिया। उन्होंने अपनी बसों को फिट बताया। कहा, उनके पास परमिट भी है। तब परिवहन विभाग ने प्रदेश भर में 15 साल की मियाद पूरी कर चुकी 899 बसों की सूची बनाई। परमिट निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू की। इसके बाद ऑपरेटरों ने हाईकोर्ट की शरण ली। विकास भार्गव जैसे बस ऑपरेटर समेत 10 याचिकाएं हाईकोर्ट में लगीं।