डकैती का खुलासा-प्रोफेसर दीक्षित का ड्रायवर ही निकला मास्टरमाइंड, पुलिस ने 6 बदमाश उठाये, 450 ग्राम ज्वेलरी बरामद

ग्वालियर. सोमवार को दिनदहाड़े 6 नकाबपोश द्वारा एमआईटीएस प्रोफेसर के घर एक करोड़ की डकैती का मास्टरमाइंड ड्रायवर निकला है। चेतन को पता था कि दोपहर के वक्त प्रोफेसर घर पर नहीं रहते हैं। घर में एक करोड़ से अधिक का माल घर में रखा हुआ है। कुछ दिन पहले प्रोफेसर शिशिर दीक्षित एसबीआई का लॉकर बंद सामान लेकर आये है जिन्हें यूनियन बैंक के लॉकर में शिफ्ट करना है। लेकिन प्रोफेसर दीक्षित शिफ्ट कर पाते उससे पहले ही प्रोफेसर के ड्रायवर चेतन ने डकैती की पूरी प्लानिंग कर गुर्गे बुलाये जिसमें कानपुर, झांसी और ग्वालियर के बदमाश शामिल है।
पुलिस ने सबसे पहले प्रोफेसर के ड्रायवर चेतन को उठाया उसके बाद डकैती डालने वाले 6 में 3 बदमाशों को उठाया है। 2 को झांसी से उठाया इन लोगों से 4.50 ग्राम सोना मिला है, डकैती में 6 बदमाश नहीं बल्कि 9 बदमाश शामिल है। इन लोगों ने 1 किलो सोने की ज्वेलरी को काट-काट कर बंटवारा किया है। बरामद की गयी ज्वेलरी को प्रोफेसर शिशिर दीक्षित परिवार को डीआईजी ऑफिस में बुलाकर पहचान करवायी गयी है। अभी फिलहाल क्राइम की एक टीम कानपुर और दूसरी झांसी में डेरा डाले हुये। बुधवार की दोपहर एसएसपी अमित सांघी पूरे डकैती का खुलासा करने वाले हैं।

यह है पूरा मामला
शहर के गोला का मंदिर इन्द्रमणि नगर पंचशील नगर निवासी एसके दीक्षित MITS के इलेक्ट्रिकल्स डिपार्टमेंट में बतौर प्रोफेसर पदस्थ हैं। सोमवार दोपहर वह संस्थान में थे। घर पर उनकी मां 80 वर्षीय कलालता देवी, पत्नी 45 श्वेता व बेटी शिवांगी दीक्षित अकेले थे। तभी दोपहर 2.49 बजे दो बाइक पर सवार होकर 6 बदमाश उनके घर के बाहर पहुंचे। पहले एक युवक ने दरवाजा नॉक किया। प्रोफेसर की पत्नी ने गेट खोला। इस पर युवक ने बोला उनको प्रोफेसर साहब ने भेजा है वो भी 5 मिनट में आ रहे हैं। बाहर गर्मी बहुत है जब तक आप गेट खोल दीजिए मैं अंदर बैठ जाऊंगा। प्रोफेसर की पत्नी गेट वहीं खुला छोड़कर प्रोफेसर को कॉल करने लगी। इसी समय पीछे से दो बदमाश और उसके साथी अंदर पहुंचे और महिला पर कट्‌टा तान दिया। इसके बाद प्रोफेसर की बेटी आई उस पर भी बदमाशों ने कट्टा अड़ा दिया। बदमाशों ने प्रोफेसर की मां और बेटी से मारपीट भी की है। बुजुर्ग महिला को छोड़कर दो को कुर्सी पर तार से बांध दिया। इसके बाद बदमाश अलमारी से पुश्तनी जेवरात लगभग 20 लाख रुपए के होंगे और 60 हजार रुपए नकद लूटकर ठीक 3.09 बजे निकल गए थे।

सोमवार को दिनदहाड़े डकैती कांड की जब पुलिस अधिकारियों ने पड़ताल शुरू की तो सभी बदमाशों का हुलिया देहाती लग रहा था पर उनका तरीका पूरी तरह से प्रोफेशनल था। पुलिस एक बात बार -बार खटक रही थी कि बदमाशों ने आते ही कट्टा अड़ाया और बोले अलमारी के लॉकर की चाबी मांगी। इससे यह साफ था कि बदमाशों को यह मालूम था लॉकर में ही सोना है। यह जानकारी किसी करीबी को हो सकती है। इसके बाद पुलिस को पता लगा कि पंचशीलनगर में प्रोफेसर का ड्रायवर चेतन रहता है। उनका घर के आना-जाना भी रहता है। उसे पता था कि सोना घर लेकर आये हैं। इसके बाद भी उस पर नजर रखी और मोबाइल की सीडीआर खंगाली गयी तो अच्छी खांसी हलचल दिखाई दी। इसके बाद पुलिस ने ड्रायवर चेतन को उठा लिया और कुछ देर बाद दिनदहाड़े की गयी डकैती के तार खुलते चले गये। ड्रायवर ही पूरी वारदात का मास्टरमाइंड निकला है। पूरी प्लानिंग और सूचना पर डकैती की गयी थी।
क्राइम टीम झांसी और कानपुर में डेरा डाले
पुलिस ने इस कार्यवाही में अभी तक 6 बदमाशों को उठाया है जिसमें 1 पंचशीलनगर, 2 पीएचई कॉलोनी और 3 झांसी से उठाये है। जिसमें सबसे पहले प्रोफेसर दीक्षित के ड्रायवर चेतन को उठाया उसके बाद अन्य साथियों को उठाया गया है। इसके अलावा पुलिस को प्रोफेसर के घर से उनकी बेटी का लूटा गया मोबाइल की लोकेशन कानपुर में मिली है। बाकी बदमाश कानपुर में होने की संभावना है इसलिये पुलिस की दो टीमें कानपुर में डेरा डाले हुए है।