ग्वालियर चंबल में आंधी-बारिश से सब धड़ाम, ट्रेनें लेट, बत्ती गुल, पानी सप्लाई, रजिस्ट्री और इलाज का काम भी प्रभावित
ग्वालियर. शहर में सोमवार को मौसम बदल गया। तेज हवा और बारिश से पारा सहित शहर में बिजली, पानी की व्यवस्था भी धड़ाम हो गई। पेड़ों के बिजली की लाइनों पर गिरने और फॉल्ट की वजह से कई फीडर पर सप्लाई 4 घंटे तक बाधित रही। इससे तिघरा वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट बंद रहा और पंजीयन दफ्तर में रजिस्ट्री भी रूक गईं। अस्पतालों में डॉक्टरों को मरीजों का इलाज करने में भी परेशानी आईं।
सीजन में पहली बार दोपहर 2:30 बजे पारा 25 दर्ज हुआ
मई में अभी तक 40 डिग्री के ऊपर रहने वाला दिन का पारा हवा-बारिश के बाद सोमवार दोपहर 2:30 बजे 25 डिग्री पर आ गया। लोगों को ठंडक का अहसास हुआ। हालांकि इसके बाद फिर से अधिकतम पारा बढ़कर 36.9 डिग्री पर पहुंच गया। शाम पांच बजे पारा 27.6 डिग्री पर आ गया। मौसम वैज्ञानिक इसे सोमवार का सबसे कम (न्यूनतम) तापमान मान रहे हैं। मौसम विज्ञान केंद्र के प्रभारी सीके उपाध्याय के मुताबिक बीती रात न्यूनतम तापमान 27.3 डिग्री रहा था। सोमवार सुबह 8:30 बजे पारा 33.8 डिग्री पर पहुंच गया, लेकिन इसके बाद पारा लगातार गिरा और दोपहर 2:30 बजे यह सीजन का सबसे कम 25 डिग्री रिकाॅर्ड हुआ।
ओएचई लाइन टूटी, शताब्दी एक्सप्रेस सहित कई ट्रेनें लेट
आंधी के कारण सुबह 7 बजे दिल्ली-मथुरा ट्रैक पर कोसीकला-छाता स्टेशन के बीच ओएचई लाइन टूट गई। इससे नई दिल्ली की ओर से आने वाली शताब्दी एक्सप्रेस सहित अन्य ट्रेनें 50 मिनट विभिन्न स्टेशनों पर खड़ी रहीं। ग्वालियर स्टेशन पर ये ट्रेनें दो से तीन घंटे देरी से आईं। शताब्दी एक्सप्रेस को एक घंटे तक पलवल पर रोका गया। ओएचई लाइन को 50 मिनट में जोड़ा गया और उसके बाद ही अप ट्रैक पर ट्रेनों का आवाजाही शुरू हो सकी। ग्वालियर में शताब्दी एक्सप्रेस डेढ़ घंटे, पंजाब व छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस 1 घंटे, मंगला एक्सप्रेस आधा घंटे लेट रहीं।