'स्किन टू स्किन' मामले पर जजमेंट देने वाली न्यायाधीश पुष्पा गनेडीवाला ने दिया इस्तीफा, जानें पूरा मामला
‘स्किन टू स्किन’ टच मामले (Skin To Skin Judgment) में फैसला सुनाने के बाद देशभर में चर्चा में आईं बॉम्बे हाई कोर्ट (Bombay High Court) की एडिशनल जज पुष्पा गनेडीवाला (Pushpa Ganediwala) ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया. सूत्रों के अनुसार पुष्पा गनेडीवाला मौजूदा समय में बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर पीठ (Nagpur Bench of the Bombay High Court) की अध्यक्षता कर रही थीं. उनके इस्तीफे की वजह अभी पूरी तरह से सामने नहीं आई है, लेकिन माना जा रहा है कि सेवा में विस्तार न मिलने और सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम में स्थान न मिलने से वह नाराज थीं.
पुष्पा गनेडीवाला हाईकोर्ट में एडिशनल जज के तौर पर कार्यरत थीं. उनका कार्यकाल 12 फरवरी को खत्म हो रहा था, लेकिन इससे एक दिन पहले 11 फरवरी को उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया. माना जा रहा है कि अब वह उच्च न्यायालय और सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस करेंगी.
दरअसल यौन अपराधों से बच्चों की संरक्षा के लिए बने पाक्सो एक्ट से संबंधित एक मामले में उन्होंने एक ऐसा फैसला सुनाया था कि वे देशभर में सुर्खियों में छा गई थी. बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर बेंच ने यौन उत्पीड़न के एक आरोपी के पक्ष में फैसला सुनाते हुए कहा था कि नाबालिग के निजी अंगों को स्किन टू स्किन टज के बिना टटोलना पाक्सो एक्ट के तहत नहीं आता. बाद में इस पूरे मामले को जनरल केके वेणुगोपाल ने सुप्रीम कोर्ट में उठाया था.
हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट से कहा था कि इस फैसले से अपराध बढ़ेंगे और व्यभिचारियों को खुली छूट मिल जाएगी और इससे उनको सजा देना बहुत ज्यादा मुश्किल हो जाएगा. इस मामले में 30 सितंबर को सुनवाई पूरी हो गई थी.