फूलबाग से किलागेट रोड चौड़ी करने नगर निगम ने घरों में भेजा अवैध निर्माण का नोटिस, दुकानदारों ने मंत्री से अभी जितनी चौड़ाई है काफी है
फूलबाग से किलागेट रोड चौड़ी करने के मामले में विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने क्षेत्रीय निवासी और दुकानदारों की बैठक बुलाकर मामले को निपटाने का प्रयास किया, लेकिन लंबी बहस के बाद बैठक बिना निष्कर्ष के समाप्त हो गई। दुकानदारों का कहना था कि रोड जितनी भी चौड़ी है, उतनी काफी है। डीडवाना ओली, फालका बाजार और जनकगंज से भी टेंपो गुजर रहे हैं। किलागेट चौराहे पर यदि ट्रैफिक प्वाॅइंट लगाकर व्यवस्था बनाई जाए तो ट्रैफिक जाम होने की समस्या का स्थायी समाधान हो जाएगा।
मंत्री ने कहा कि लोगों के मकान ज्यादा टूटें या किसी घर के उजड़ने की नौबत आए, ऐसी न सरकार की मंशा है और न प्रशासन की। रोड चौड़ी करना इसलिए जरूरी है कि यदि ट्रैफिक व्यवस्थित हुआ तो भविष्य में किले पर जाने वाले पर्यटक इस रास्ते से जा सकें। इससे क्षेत्र में कारोबार को गति मिलेगी। इस पर बैठक में मौजूद एडवोकेट हरिओम अग्रवाल का कहना था कि डीडवाना ओली की चौड़ाई किलागेट रोड से कम है। इसके बाद भी वहां से टेंपो सहित पूरे बाजार का ट्रैफिक निकल रहा है। ऐसे में किलागेट रोड को ही चौड़ा करना क्यों जरूरी है।
नगर निगम ने घरों पर जो नोटिस भेजे उसमें अवैध निर्माण का जिक्र
दुकानदारों का सवाल यह भी था कि नगर निगम ने लोगों के घरों पर जो नोटिस भेजे हैं, उसमें अवैध निर्माण का जिक्र क्यों किया गया है। क्षेत्रीय निवासी शील खत्री का कहना था कि उपनगर ग्वालियर की बसाहट सदियों पुरानी है। इतनी पुरानी बस्ती के लिए रोड की चौड़ाई 32-34 फीट काफी है। इस क्षेत्र में बने पुराने मकान न तो अतिक्रमण हैं और न अवैध, तो फिर उन्हें तोड़ने पर जोर क्याें दिया जा रहा है। कुछ दुकानदारों का कहना था कि रोड की चौड़ाई बढ़ाने से उनका कारोबार पूरी तरह उजड़ जाएगा। लोगों की बात सुनकर मंत्री का कहना था कि मास्टर प्लान के अनुसार रोड चौड़ाई 60 फीट होना चाहिए, लेकिन इससे ज्यादा नुकसान होगा। इसलिए मैंने प्रशासन से बात कर रोड की चौड़ाई 40 फीट करने के लिए कहा है। इसमें कम से कम नुकसान होगा। इसके बाद भी आप एक बार विचार कर लें, इस मामले में हम फिर बैठक करेंगे।