UK Election: टिहरी सीट हुई दिलचस्प, कांग्रेस से लड़ेंगे 'भाजपाई' नेगी तो क्या BJP से 'कांग्रेसी' उपाध्याय?
देहरादून. ‘मंज़िल वही चुनाव की चेहरे बदल गए…’ उत्तराखंड के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले दलबदल के चलते ऐसे ही कुछ नज़ारे दिख रहे हैं. टिहरी सीट पर कांग्रेस का जो चेहरा था, वह अब भाजपा की तरफ से दिख रहा है और भाजपा का चेहरा कांग्रेस की तरफ से. टिहरी सीट तब चर्चा में आ गई, जब कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने गुरुवार को भाजपा का दामन थाम लिया. यह लगभग तय माना जाने लगा कि उपाध्याय को ही भाजपा टिकट देने के मूड में है, तो इस घटनाक्रम से नाराज़ टिहरी से मौजूदा विधायक धनसिंह नेगी ने भाजपा छोड़कर कांग्रेस का दामन थामकर फिर टिकट पक्का कर लिया.
कांग्रेस ने बुधवार को उपाध्याय को पार्टी से निष्कासित कर दिया था और उन पर ‘पार्टी विरोधी गतिविधियों’ का आरोप लगाया था. अटकलों के मुताबिक गुरुवार को उपाध्याय ने भाजपा के उत्तराखंड चुनाव प्रभारी प्रहलाद जोशी और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक की मौजूदगी में भाजपा जॉइन की. इधर, टिहरी सीट से भाजपा के ही विधायक नेगी ने अपना चुनावी भविष्य खतरे में देखा, तो उन्होंने कुछ ही देर बाद पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत की मौजूदगी में कांग्रेस जॉइन कर ली. यही नहीं, फौरन ही कांग्रेस ने टिहरी सीट से नेगी को उम्मीदवार भी घोषित कर दिया.
कांग्रेस ने कहा, बीजेपी ने नेगी के साथ नाइंसाफी की
नेगी के कांग्रेस जॉइन करने के बाद उत्तराखंड में पार्टी की प्रवक्ता गरिमा दसौनी ने कहा, ‘कांग्रेस नेगी का स्वागत करती है. उन्होंने अपनी कड़ी मेहनत के बूते 2017 में टिहरी सीट पर जीत हासिल की थी. बीजेपी ने उन्हें टिकट न देकर उनके साथ घोर अन्याय किया क्योंकि वह टिहरी के लोगों के लिए समर्पित रहे हैं.’ इधर, दिल्ली से कांग्रेस के महासचिव मुकुल वासनिक ने औपचारिक तौर पर पत्र जारी कर नेगी को कांग्रेस कैंडिडेट घोषित किया.
क्या उपाध्याय बनाम नेगी होगा चुनाव?
इस बात की पूरी संभावना है कि टिहरी से भाजपा और कांग्रेस के बीच मुख्य मुकाबले में नेगी के खिलाफ भाजपा किशोर उपाध्याय को ही टिकट दे. हालांकि अब तक भाजपा ने उम्मीदवारी घोषित नहीं की है. खबरों की मानें तो टिहरी से उपाध्याय के साथ ही डोईवाला से भाजपा महिला मोर्चा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दीप्ति रावत के नाम पर विचार कर रही है. इन दोनों सीटों पर भाजपा के प्रत्याशी का आधिकारिक ऐलान का इंतज़ार है.