बुंदेलखंड: ओलों के संग आंसू बरसे, खेतों में बिछ गई फसल, नुकसान देख किसान ने...
झांसी. बुंदेलखंड (Bundelkhand) में एक बार फिर प्रकृति ने कहर बरपाया है. यहां हुई बेमौसम बारिश के साथ ओलावृष्टि ने रबी की फसल (Rabi crop) का बंटाधार कर दिया. महोबा से लेकर झांसी और ललितपुर जिलों में किसानों की तैयार हो रही फसल ओलों की बारिश से जमीन में बिछ गई. इससे किसानों में हाहाकार मच गया है. वे एक बार फिर आर्थिक संकट और कर्ज के बोझ के मुहाने पर हैं. इस आसमानी आपदा से टूटे कई किसान सरकार से मदद की गुहार लगा रहे हैं तो कुछ हिम्मत हारकर फांसी लगाकर जान देने की भी कोशिश करते देखे जा रहे हैं. महोबा में बर्बाद हुई फसल देखकर एक किसान फांसी के फंदे पर झूल गया. उसे समय रहते फंदे से उतार लिया गया, लेकिन उसकी हालत बिगड़ने पर झांसी मेडिकल के लिए रैफर कर दिया गया है. वहीं ललितपुर में भी ओलावृष्टि से एक किसान का घर ढह गया, जिसमें उसके 7 साल के बच्चे की मौत हो गई.
बुंदेलखंड में प्रकृति का कहर कोई नई बात नहीं है. यहां किसानों को ऐसी आपदाओं से अक्सर जूझना पड़ता है. इस बार भी वह इसी आसमानी कहर का शिकार बने हैं. दो दिन पहले यहां अतिवृष्टि व ओलावृष्टि ने रबी की फसल को बड़ा नुकसान पहुंचाया है. महोबा में अतिवृष्टि व ओलावृष्टि से खेतों मे खड़ी रबी की फसल नष्ट हो जाने पर आहत एक किसान ने फांसी लगाकर आत्महत्या किये जाने का प्रयास किया है. कृषक को गंभीर अवस्था में इलाज के लिए जिला चिकित्सालय लाया गया. उसकी हालत नाजुक होने पर जिला चिकित्सालय के चिकित्सकों ने किसान को झांसी मेडिकल कॉलेज रिफर कर दिया.
जिस किसान ने फांसी लगाकर आत्महत्या करने की कोशिश की वह कुलपहाड़ तहसील के बगवाहा गांव का रहने वाला है. पिछले कुछ दिनों की बारिश और ओलावृष्टि से 55 वर्षीय किसान रामगोपाल की दलहन और रबी की फसल 70 से 80 प्रतिशत तक नष्ट हो गई. बताया गया है कि किसान रामगोपाल ने जैसे ही खेत में फसल की तबाही को देखा तो वह हताश गया. उसने वहीं खेत में लगे पेड़ पर फंदा डालकर फांसी लगा दी. तभी आसपास के किसानों ने फौरन उसे देख फंदे से उतार लिया. उसकी हालत बिगड़ गई. उसे स्थानीय अस्पताल ले जाया गया. जहां हालत नाजुक बताकर डाक्टरों ने झांसी मेडिकल के लिए रिफर कर दिया. किसान के परिजनों ने बताया कि रामगोपाल अपनी 10 बीघा खेती के साथ 20 बीघा खेती बलकट पर भी लिए था. ओलावृष्टि से पूरी फसल बर्बाद हो गई. इससे वह टूट गया और आत्मघाती कदम उठा लिया.
ललितपुर में ओलावृष्टि से बच्चे की मौत
ओलावृष्टि से ललितपुर में फसलों को भारी तबाही हुई है. यहां एक किसान का घर ही बारिश और ओलों की मार से गिर गया. इसमें उसके एक 7 साल के बच्चे की मौत हो गई. चार सदस्य घायल हो गए. मवेशियों की भी मौत होने की जानकारी है. वहीं ललितपुर कई ग्रामीण इलाकों में रबी की फसल तबाह हो गई.
झांसी जिले में भी भारी नुकसान
बारिश के साथ ओले गिरने से झांसी के कई गांव में भारी नुकसान पहुंचा है. झांसी के मऊरानीपुर और गरौठा क्षेत्र के ग्रामों में जमकर तबाही हुई है. इसके खिलाफ किसान कांग्रेस ने कई जगह प्रदर्शन किया. किसान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष शिवनारायण परिहार ने कहा कि ओला गिरने से किसानों की रबी की फसल पूरी तरह से नष्ट हो गई है. उसके सामने एक बार फिर आर्थिक तंगी के हालात हैं.