UP News: कल तक बेचते थे चोरी के वाहन, आज बेच रहे चिकेन-कपड़े, योगी सरकार के एक्शन से हो गया कमाल

मेरठ: देशभर में अब तक आपने धर्म परिवर्तन की खबरें देखी होंगी, लेकिन आज हम आपको धंधा परिवर्तन दिखाते हैं. जी हां, पश्चिम उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh News) में वाहन चोरी के लिए कुख्यात मेरठ के सोतीगंज बाजार (Sotiganj market) में अब जूते, कपड़े और छोले भटूरे बिक रहे हैं. मेरठ (Meerut News) के पुलिस प्रशासन ने कार्रवाई का ऐसा हंटर चलाया कि वाहन माफिया और चोर अब धंधा बदलने पर मजबूर हो गए. खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने सोतीगंज पर कार्रवाई को लेकर योगी सरकार की पीठ थपथपाई है. पीएम मोदी ने कहा था कि कबाड़ की आड़ में चोरी के वाहनों का धंधा करने वालों की दुकानें योगी सरकार ने बंद करवा दी.

धंधा है पर गंदा है

जी हां, मेरठ के सोतीगंज बाजार में कबाड़ की आड़ में चोरी के वाहनों का धंधा पिछले 30 सालों से बदस्तूर जारी था, लेकिन उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के सिपहसालारों ने 30 साल का तिलिस्म तोड़ डाला. दरअसल पश्चिम उत्तर प्रदेश ही नहीं बल्कि आसपास के राज्यों से वाहन चोरी होकर मेरठ के इसी कुख्यात सोतीगंज बाजार में लाए जाते थे और फिर चोरी के वाहनों को टुकड़े-टुकड़े करके कबाड़ की आड़ में बेचकर मोटा मुनाफा कमाया जाता था. वाहन माफियाओं ने अरबों की संपत्ति पिछले 30 सालों में इसी धंधे से जुटाई है, लेकिन अब इन वाहन माफियाओं के उल्टे दिन शुरू हो गए हैं. क्योंकि योगीराज में वाहन माफियाओं पर कार्रवाई का दौर जारी है.

मेरठ के कुख्यात बाजार पर तीन दशकों में पुलिस की ओर से यह बड़ी कार्रवाई सामने आई है. अब तक 32 से ज्यादा वाहन माफियाओं के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है और 40 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति को कुर्क कर लिया गया है. जिसके बाद इन वाहन माफियाओं के हौसले पस्त हो गए और अब मजबूरी में इन लोगों ने धंधे में चल रही है मेरठ के इस कुख्यात बाजार में आप छोले भटूरे जूते कपड़े और किराना का सामान बिक रहा है.

मेरठ के सोतीगंज के कुख्यात वाहन माफिया

अब तक मन्नू कबाड़ी, हाजी गल्ला, राहुल काला, अबरार, इकबाल समेत कई बड़े वाहन माफियाओं पर गैंगस्टर और कुर्की तक की कार्यवाही कर ली गई है. 2017 से पहले इन्हीं कबाड़ी ओ को सत्ता का संरक्षण प्राप्त था कई सफेदपोश नेता इन वाहन माफियाओं को संरक्षण देते थे. लेकिन अब इसी बाजार की तस्वीर उलट गई है. हमेशा गुलजार रहने वाली सोती गंज बाजार की दुकानों पर ताले लटके हुए हैं. बदनामी और पुलिस कार्रवाई के डर से इन लोगों ने अब धंधे बदल लिए.

मेरठ के एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने इस बाजार से वाहन माफियाओं के सफाई का जिम्मा उठाया है. प्रभाकर चौधरी के आने के बाद लगातार कार्रवाई का दौर जारी है सूरज राय ने वाहन माफियाओं की क्राइम कुंडली तैयार की है. पुलिस ने धंधा बदलने वाले लोगों को आर्थिक मदद दिलवाने के लिए अन्य विभागों से भी सामंजस्य स्थापित किया है. राज्य और केंद्र सरकार की योजनाओं के तहत बेरोजगार हुए मोटर मकैनिक और कबाड़ियों को लोन और रोजगार देने के लिए थाना सदर बाजार में कैंप भी लगाया गया, जिसमें धंधा बदलने वाले कबाड़ियों की भीड़ भी उमड़ रही है.