कंगना रनौत के समर्थन में उतरी किन्नर महामंडलेश्वर हिमांगी सखी, कहा- राजनीतिक चश्मे से देखना उचित नहीं

प्रयागराज. फिल्म अभिनेत्री कंगना रनौत (Kangana Ranaut) के देश की आजादी को लेकर दिए बयान पर जहां सियासी घमासान मचा हुआ है. कंगना रनौत से मांगी मांगने और पद्मश्री वापसी की मांग की जा रही है. वहीं मुंबई से प्रयागराज पहुंची विश्व की प्रथम किन्नर भागवत कथा वाचक महामंडलेश्वर हिमांगी सखी ने कंगना रनौत का समर्थन किया है. उन्होंने कंगना रनौत के बयान को सही ठहराते हुए कहा है कि उनके बयान को सही अर्थों में नहीं लिया गया है. कथावाचक महामंडलेश्वर हिमांगी सखी ने कहा है कि देश की आजादी हमें 1947 में भले मिली. लेकिन अंग्रेजों से हुए समझौते में यह साफ तौर पर लिखा गया है कि यह 100 वर्ष की लीज पर आजादी दी गई है.

कंगना रनौत यह कहना चाहती थी, कि 2014 में देश में मोदी सरकार बननेके बाद सनातन धर्म के उत्थान के लिए और देश को विश्व गुरु बनाने के लिए अनेकों काम पीएम मोदी ने किए हैं. पीएम मोदी ने किन्नर समाज के उत्थान के लिए भी बड़ा काम किया है. क्योंकि 2014 के बाद ही नालसा जजमेंट आया जिसके बाद किन्नरों की भी स्थिति में सुधार आया है. केंद्र की मोदी सरकार ने देश की आजादी से लेकर चली आ रही धारा 370 कश्मीर से हटाने का काम किया है. इसके साथ ही साथ कनाडा में 108 वर्षों से रखी मां अन्नपूर्णा की मूर्ति को भी वहां से लाकर वाराणसी में काशी विश्वनाथ के नजदीक स्थापित करने का उनकी सरकार ने काम किया है.

इसके साथ ही साथ केंद्र की मोदी सरकार ने कोरोना का मजबूती से सामना करते हुए विश्व को दिखा दिया कि भारत अब उभरती हुई ताकत है और दो स्वदेशी वैक्सीन तैयार कर 100 करोड़ से ज्यादा लोगों को वैक्सीन लगाकर एक रिकॉर्ड भी बनाया है, उन्होंने कहा है कि निश्चित तौर पर कंगना राणावत का जो बयान है वह पीएम मोदी के विकास को समर्पित है. इसलिए इस बयान को राजनीतिक चश्मे से देखना कतई उचित नहीं है. कंगना राणावत के बयान को सही संदर्भों में लेने की जरूरत है उन्होंने कहा है कि कंगना राणावत के साथ किन्नर समाज पूरी तरह से खड़ा है.