Panjshir Valley News: पंजशीर में नॉर्दन अलायंस के पलटवार से बौखलाया तालिबान बोला- खून से चुकानी होगी कीमत
काबुल. अफगानिस्तान (Afghanistan) से अमेरिकी सैनिकों (US Forces) की पूरी तरह से वापसी के बाद काबुल एयरपोर्ट पर भी तालिबान (Taliban) ने कब्जा कर लिया है. अब सिर्फ पंजशीर ही रह गया है. कुछ दिन पहले ही पंजशीर में तालिबान और नॉर्दन अलांयस (Northern Alliance) के बीच सीज़फायर को लेकर सहमति बनी थी. लेकिन अब फिर से वहां जंग शुरू हो गई है. सोमवार रात से रूक रूक कर तालिबान और नॉर्दन अलायंस में जंग हो रही है. ताजा हमलों में तालिबान के 8 से ज्यादा लड़ाके मारे गए हैं. अपने लड़ाकुओं के मारे जाने से तालिबान बौखला गया है. उसने नॉर्दन अलायंस के नेता अहमद मसूद को धमकी दे डाली है. तालिबान ने कहा है कि विद्रोहियों को अपने खून से इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी.
नॉर्दर्न एलायंस के मुताबिक, गोलीबारी में उनके भी दो लड़ाके मारे गए हैं. उधर, दायकुंदी प्रांत के खदीर जिले में तालिबान ने हजारा समुदाय के 14 लोगों की हत्या कर दी है. पंजशीर घाटी ही अब एकमात्र इलाका है जहां पर अभी तक तालिबान का कब्जा नहीं हो पाया है. पंजशीर घाटी में अहमद मसूद के सैनिकों तालिबान को धूल चटाने के लिए पूरी तैयारी कर ली है. इन लड़ाकुओं को ट्रेनिंग का काम लगातार जारी है. पंजशीर घाटी अफगानिस्तान की राजधानी काबुल से 150 किमी दूर है और यहां पर एक लाख लोग रहते हैं.
बीते हफ्ते ही सीजफायर पर बनी थी सहमति
बीते हफ्ते ही तालिबान और पंजशीर के प्रतिनिधियों के बीच सीज़फायर के लिए परवान प्रांत की राजधानी चारिकर में बातचीत हुई थी. इस दौरान दोनों गुट एक-दूसरे पर हमला नहीं करने पर सहमत हुए. तालिबान की ओर से बातचीत की अगुवाई मौलाना अमीर खान मुक्तई मुक्तई ने की. इस बातचीत को तालिबान ने अमन जिरगा नाम दिया गया था.
मसूद ने कहा था-सरेंडर करने से अच्छा मरना पसंद करूंगा
इससे पहले अहमद मसूद ने कहा कि वह तालिबान के सामने सरेंडर नहीं करेंगे, लेकिन उससे बात करने को तैयार हैं. उनका एक इंटरव्यू बुधवार को फ्रेंच मैगजीन में प्रकाशित हुआ है. तालिबान के कब्जे के बाद अपने पहले इंटरव्यू में मसूद ने कहा, ‘मैं सरेंडर करने से अच्छा मरना पसंद करूंगा. मैं अहमद शाह मसूद का बेटा हूं. मेरी डिक्शनरी में सरेंडर जैसा शब्द ही नहीं है.’
उपराष्ट्रपति सालेह इसी इलाके में छिपे
अफगानिस्तान के उपराष्ट्रपति अमरुल्लाह सालेह इसी इलाके में छिपे हैं. उन्होंने ट्वीट कर कहा भी था कि मैं कभी भी और किसी भी परिस्थिति में तालिबान के आतंकवादियों के सामने नहीं झुकूंगा. मैं अपने नायक अहमद शाह मसूद, कमांडर, लीजेंड और गाइड की आत्मा और विरासत के साथ कभी विश्वासघात नहीं करूंगा. मैं उन लाखों लोगों को निराश नहीं करूंगा जिन्होंने मेरी बात सुनी. मैं तालिबान के साथ कभी भी एक छत के नीचे नहीं रहूंगा. कभी नहीं.