ऑस्ट्रेलिया के अस्पताल में भर्ती बेटे से मिलने नहीं जा सकी मां, दिल्ली हाईकोर्ट में लगाई गुहार

नई दिल्ली. "मेरा बेटा ऑस्ट्रेलिया में जिंदगी और मौत के बीच अस्पताल में भर्ती है, कृपया मुझे मेरे बच्चे के पास जाने दो" ये दर्द उस महिला का है जो विधवा और बुजुर्ग है. महिला का नाम इंद्रजीत कौर (Inderjeet Kaur ) है, जो दिल्ली (Delhi ) के मॉडल टाउन स्थित नार्थ एक्सटेंशन इलाके में रहती है. इंद्रजीत कौर का 25 साल का बेटा अर्शदीप ऑस्ट्रेलिया स्थित संत विंसेंट हॉस्पिटल में जिंदगी और मौत की लड़ाई के बीच है. उसकी दोनों किडनी खराब हो चुकी हैं. लगातार डायलिसिस पर उसका इलाज चल रहा है. 9 जून को इस मामले की जानकारी अर्शदीप की मां को हुई . उसके बाद अगले ही दिन अपने बेटे से मिलने और उसकी बेहतर तरीके से इलाज करवाने के लिए अर्शदीप की मां और उसके बहनोई ने दिल्ली स्थित ऑस्ट्रेलिया दूतावास में वीजा के लिए आवेदन दिया. इसके साथ ही भारतीय विदेश मंत्रालय से मदद मांगी. जिससे उसे जल्द से जल्द मेडिकल ग्राउंड के आधार पर उसे वीजा प्रदान किया जाए, लेकिन अब तक इस मामले पर भारत सरकार के विदेश मंत्रालय से कोई जवाब या आश्वासन नहीं मिल सका है न ही ऑस्ट्रेलिया के दूतावास से इंद्रजीत कौर को कोई मदद या आश्वासन मिल सका है. इसलिए इंद्रजीत कौर बेहद परेशान हो रही है. वह अपने बेटे के पास जाने के लिए और उसकी हर संभव बेहतर स्वास्थ के लिए हर उस दरवाजे पर दस्तक दे रही है, जहां से उसे मदद की कोई उम्मीद दिख रही है.

मां ने दायर की दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका

इंद्रजीत कौर के मुताबिक उसका बेटा अर्शदीप साल 2018 में पढ़ाई करने ऑस्ट्रेलिया गया था. साल 2020 में इसकी पढ़ाई पूरी हो गई थी, लेकिन कोरोनकाल (Covid -19 ) की वजह से वो भारत अपनी मां के पास आ नहीं सका. अब इंद्रजीत कौर बेहद परेशान इस बात को लेकर है कि जब कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही है तो मजबूर होकर उन्होंने दिल्ली उच्च न्यायालय (Delhi High court ) में एक याचिका दायर कर दी है. इस पर सुनवाई मंगलवार को होगी. महिला की अपील है कि उसे और उसके साथ उसके दामाद कुंवर आनंद को विदेश जल्द से जल्द भेजने के लिए तमाम कागजी औपचारिकता को पूरा करने के बाद उसे वीजा दिलवाने में उचित मदद प्रदान की जाए. इसके साथ ही
ऑस्ट्रेलिया में उसके पुत्र के बेहतर स्वास्थ के लिए उचित हर संभव मदद दी जाए.

बुजुर्ग महिला की मदत के लिए सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील गुरेन्द्र पाल सिंह ने ही दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका दायर की है. इसके साथ ही इस मसले पर NRI नागरिक और इंडियन वर्ल्ड फोरम के प्रेसिडेंट पुनीत सिंह चंढोक ने भी भारत सरकार से अपील करके विदेश में रह रहे भारतीय नागरिक के लिए और उसके परिजनों के लिए मदद करने की अपील की है.

अब देखना लाजमी है कि इंद्रजीत कौर को कितनी जल्दी वीजा समेत अन्य सुविधाएं मिल पाएंगीं, जिससे वह अपने बेटे के पास जल्द से जल्द पहुंचकर उसकी मदद कर सके.