अमित शाह ने केजरीवाल से बहस के लिए प्रवेश वर्मा का ही क्यों लिया नाम?
बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के एक बयान ने दिल्ली में पार्टी की ओर से सीएम पद के दावेदारों में बढ़ाई बेचैनी
दिल्ली में बीजेपी की ओर से सीएम पद के लिए हर्षवर्धन, मनोज तिवारी और विजय गोयल जैसे नेता कतार में हैं. मनोज तिवारी तो इस वक्त दिल्ली बीजेपी का सबसे चर्चित चेहरा हैं. लेकिन पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह (Amit Shah) के एक बयान ने इन नेताओं की बेचैनी बढ़ा दी है. उन्होंने दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल (Arvind kejriwal) को चुनौती देते हुए कहा है कि अपने पांच साल के कामकाज पर बीजेपी सांसद प्रवेश वर्मा से बहस कर लें. राजनीतिक पंडित इस बयान के मायने निकाल रहे हैं कि आखिर अचानक शाह ने केजरीवाल के सामने प्रवेश वर्मा को क्यों खड़ा कर दिया? जबकि प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी हैं.
लंबे समय से बीजेपी कवर करने वाले पत्रकार सुभाष निगम का कहना है कि अमित शाह जैसा बड़ा नेता यदि अचानक केजरीवाल के सामने प्रवेश वर्मा को खड़ा करने की कोशिश कर रहा है तो इसमें जरूर कोई न कोई बड़ा संदेश छिपा हुआ है जो बाद में डिकोड किया जाएगा. शाह ने प्रवेश वर्मा का नाम यूं ही नहीं लिया होगा. उनके पिता साहिब सिंह वर्मा दिल्ली के सीएम रहे हैं.