आपातकाल के हीरो आरके धवन नहीं रहे
नई दिल्ली। पूर्व केन्द्रीय मंत्री और इंदिरा गांधी के विश्वासपात्र रहे आरके धवन का एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। वह 81 वर्ष के थे।
परिवार के करीबी सूत्रों ने बताया कि धवन ने शाम करीब सात बजे बी. एल. कपूर अस्पताल में अंतिम सांस ली। धवन को बढ़ती उम्र संबंधी परेशानियों के कारण पिछले मंगलवार को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। धवन ने 74 वर्ष की आयु में 2011 में अचला के साथ विवाह किया। सूत्रों के अनुसार, धवन कैंसर से पीड़ित थे। उन्हें कई परेशानियों के कारण 31 जुलाई को अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
सूत्रों का कहना है कि अस्पताल में भर्ती कराये जाने के समय धवन की हालत बहुत खराब थी। सूत्रों के मुताबिक धवन को पहले वार्ड में भर्ती कराया गया था, लेकिन हालत बिगड़ने पर दो अगस्त को उन्हें आईसीयू में स्थानांतरित कर दिया गया।
धवन की मौत से कांग्रेस में शोक की लहर है। राहुल और सोनिया गांधी समेत कई कांग्रस नेताओं ने धवन के निधन पर शोक व्यक्त किया है।
इंदिरा गांधी के निजी सचिव रहे थे
बता दें कि राजिन्दर कुमार धवन राज्यसभा के सदस्य और लंबे समय तक इंदिरा गांधी के निजी सचिव भी रहे थे।
पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने भी धवन के निधन पर शोक जताया।
इंदिरा गांधी के निजी सचिव रहते हुए, 1962 से 1984 तक धवन पर आरोप लगता रहा है कि वह प्रधानमंत्री तक पहुंचने वाली सूचनाओं को रोकते थे। आपातकाल (1975-77) के दौरान धवन इंदिरा गांधी के बेहद करीबी रहे।