संपत्तिकर की वसूली:गाइड लाइन से की जाएगी वसूली इसलिए अप्रैल से 10 फीसदी बढ़ेगा संपत्ति कर

नए वित्तीय वर्ष से शहर के लोगों पर संपत्तिकर का बोझ बढ़ेगा। संपत्तिकर की वसूली कलेक्टर गाइड लाइन के आधार पर की जाएगी। इससे कर की दरों में दस फीसदी तक की बढ़ोतरी होगी। गाइड लाइन का कितना फीसदी संपत्ति कर तय किया जाए, इसके लिए नगर निगम ने अधिकारियों की समिति गठित की है। समिति में दो अपर आयुक्त और एक उपायुक्त सहित अन्य सदस्य शामिल किए गए हैं।

ये कमेटी चार-पांच बैठकों के बाद हर परिक्षेत्र का संपत्ति कर कलेक्टर गाइड लाइन के हिसाब तय कर आयुक्त को सौंपेगी। शुक्रवार को इस संबंध में अपर आयुक्त राजेश श्रीवास्तव की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें तय किया गया कि संपत्ति कर में अधिकतम वृद्धि 10 फीसदी होगी। एक अप्रैल से कलेक्टर गाइड लाइन से संपत्ति कर लिया जाना है। इसे ध्यान में रखकर कमेटी तैयारी नई रेट तय कर रही है। कमेटी की अगली बैठक 22 फरवरी को होगी।

मौजूदा और प्रस्तावित संपत्तिकर को ऐसे समझें

 

नगर निगम ने इन्हें शामिल किया गया कमेटी में

अपर आयुक्त राजेश श्रीवास्तव, अपर आयुक्त मुकुल गुप्ता, उपायुक्त जगदीश अरोरा, एपीटीओ रमेश शर्मा, कार्यालय अधीक्षक संपत्ति कर प्रमेंद्र जादौन, ऑपरेटर उपेंद्र यादव और कर संग्रहक शैलेंद्र चौहान।

100 करोड़ का टारगेट अब तक 40 करोड़ हो पाई वसूली

पिछले साल संपत्तिकर से 54.57 कराेड़ रुपए वसूले गए थे। 2020-2021 का टारगेट 100 करोड़ रुपए है। अभी तक 40 करोड़ रुपए वसूले जा चुके हैं। नगर निगम में 66 वार्ड आते हैं। निगम ने इन 66 वार्डों की कालोनी और व्यावसायिक क्षेत्रों को 5 परिक्षेत्रों में बांटा है। उसी के हिसाब से नगर निगम रहवासी, व्यावसायिक और इंडस्ट्री क्षेत्र के लोगों से संपत्ति कर की वसूली करता है। नगर निगम ने पांचों परिक्षेत्र की दरें अलग-अलग तय की हैं। गाैरतलब है कि शहर में 2.50 लाख संपत्तिकर दाता हैं।