आईटी रिटर्न भरने से मिली छूट से 75 साल से ज्यादा के 5000 बुजुर्गों को मिलेगी राहत
केंद्रीय बजट में बुजुर्गों को बड़ी राहत मिली है। 75 साल से अधिक उम्र के ऐसे लोग जिनकी सालाना आय पेंशन और बैंकों से मिलने वाले ब्याज से होती है, उन्हें (वित्त वर्ष 2021-22) आयकर रिटर्न भरने की जरूरत नहीं पड़ेगी। जानकारों के अनुसार आयकर विभाग की ग्वालियर कमिश्नरी में 75 साल और उससे अधिक उम्र के बुजुर्ग पेनकार्ड धारकों की संख्या करीब पांच हजार है।
ज्ञात हो कि मौजूदा टैक्स स्लैब में पेंशनर्स के लिए 3 लाख रुपए (60 से 80 वर्ष) तक की सकल आय को आयकर से छूट है। आयकर रिटर्न फाइल करने के लिए बुजुर्गों को अलग-अलग स्रोतों से होने वाली आय के दस्तावेजों को इकट्ठा करने के लिए बैंकों के कई चक्कर लगाने पड़ते हैं। उसके बाद रिटर्न फाइल करने के लिए मशक्कत करनी पड़ती है। इस परेशानी को ध्यान में रखते हुए केंद्रीय बजट में राहत दी गई है।
सीए आशीष पारिख ने बताया कि पेंशनर्स की कुल आय 5 लाख रुपए तक है तो उसपर आयकर अधिनियम की धारा 87 ए के तहत छूट मिलने से आयकर नहीं देना पड़ता। अब आयकर रिटर्न नहीं भरने की घोषणा और राहत प्रदान करेगी। बुजुर्गों को बैंकों से मिलने ब्याज से होने वाली कुल आय 50 हजार रुपए तक टीडीएस मुक्त है। बैंकों में टीडीएस नहीं कटे, इसके लिए बुजुर्गों के लिए फार्म 15 एच का प्रावधान है।
हर साल दोबारा खोले जाते हैं 1500 मामले
इन्कम टैक्स असेसमेंट के केस को दोबारा खोले जाने की अवधि को 6 साल से घटाकर 3 साल किया गया है। इससे बड़ा फायदा यह होगा कि करदाताओं को लंबे समय तक अनिश्चितता में नहीं रहना पड़ेगा। दोबारा खोले जाने वाले मामलों में बैंकों में होने वाले कैश ट्रांजेक्शन, एफडी ट्रांजेक्शन, शेयर ट्रांजेक्शन, प्रॉपर्टी की खरीद-बिक्री आदि शामिल है। विशेषज्ञों के अनुसार आयकर विभाग की ग्वालियर कमिश्नरी में हर साल करीब 1500 मामले दोबारा खोले जाते हैं।
बजट से क्या अपेक्षा थी, क्या मिला
किसानों की आय बढ़ाने के लिए बजट में 16.5 लाख करोड़ रुपए के ऋण का प्रावधान है। 100 नए सैनिक स्कूलों की शुरुआत से हर वर्ग के बच्चों को फायदा होगा। बुजुर्गों को रिटर्न भरने से राहत दी गई है। कुल मिलाकर केंद्रीय बजट को छह स्तंभों पर खड़ा करने का सरकार ने प्रयास किया है।
-विवेक नारायण शेजवलकर, सांसद
आयकर में ढाई लाख रुपए की छूट को बढ़ाकर बगैर निवेश के चार लाख रुपए करना चाहिए था। स्वास्थ्य सेवाओं के लिए बजट बढ़ाने से लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी।
-विजय गोयल, अध्यक्ष चेंबर ऑफ कॉमर्स
छोटे कारोबारियों के लिए कम ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध करवाने और जीएसटी के सरलीकरण की उम्मीद थी, जो इस बजट में पूरी नहीं की गई।
-भूपेंद्र जैन, प्रदेश अध्यक्ष कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स
कोरोना में बुरे दौर से गुजर रहे एमएसएमई सेक्टर के लिए टैक्स और बैंकों के ऋण पर ब्याज में छूट की अपेक्षा थी। जो कि पूरी नहीं की गई।
-संजय कपूर, अध्यक्ष महाराजपुरा औद्योगिक क्षेत्र
जो बिल्डर अपने प्रोजेक्ट को पीएम आवास योजना में रजिस्टर्ड करवाकर नियमों के अनुसार काम कर रहे हैं, उन्हें आयकर में छूट है। पहले यह छूट 31 मार्च 2021 तक थी। इसे बढ़ाकर 31 मार्च 2022 कर दिया है।
-अतुल अग्रवाल, अध्यक्ष क्रेडाई ग्वालियर
रेल बजट में निजीकरण को बढ़ावा दिया गया है। इससे रोजगार कम होंगे।
-रामकुमार सिंह, मंडल अध्यक्ष नार्थ सेंट्रल रेलवे एंप्लॉइज संघ
जीएसटी में अलग-अलग रिटर्न फाइल करने से परेशान हो रहे कारोबारियों को जीएसटी ऑडिट करवाने से राहत दिया जाना एक सराहनीय कदम है।
-पंकज शर्मा, सीए
सरकार चिकित्सा क्षेत्र में नए उपकरण खरीदने पर ध्यान दे रही है। मेडिकल टीचर्स के बारे में कुछ भी नहीं सोचा है।
-डॉ. सुनील अग्रवाल, अध्यक्ष मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन