पुराने डिवाइडर पर तो हरियाली हुई नहीं, नए में 2 दिन से नहीं दिया पानी, मुरझा जाएंगे पौधे
शहर को हरा-भरा व सुंदर दिखाने के लिए नगर निगम ने हाल ही में एमएस रोड पर 65 लाख खर्च करके डिवाइडर बनाने का काम तेज कर दिया है। वहीं बैरियर से पुराना बस स्टैड इस डिवाइडर में मिट्टी भरकर कुछ पौधे भी रोपे। लेकिन इन पौधों में तीन-चार दिन से पानी नहीं दिया गया, जिससे वे मुरझाने लगे हैं। निगम कर्मचारियों की अनदेखी से पहले भी नैनागढ़ रोड, वीआईपी रोड तथा फाटक बाहर स्थित डिवाइडर बदहाल हो चुके हैं, जिनमें कूड़ा-कचरा व गंदगी भरी हुई है।
नगर निगम द्वारा इन दिनों एमएस रोड पर बनाए जा रहे डिवाइडर को चमकाया जा रहा है, ताकि जल्दी से जल्दी पौधे रोप कर ठेकेदार का भुगतान कराया जा सके। लेकिन इसी तर्ज पर लाखों रुपए खर्च कर बनाए गए नैनागढ़ रोड, वीआईपी रोड व फाटक बाहर के डिवाइडर में सिर्फ गोबर व कचरा भरा हुआ है। यहां पौधे न लग सके न पनप सके।
फाटर बाहर के डिवाइडर पर सब्जी विक्रेताओं का कब्जा
फाटक बाहर अंबाह रोड पर डिवाइडर बने हुए दो साल का लंबा समय बीत गया है। लेकिन नगर निगम द्वारा यहां भी पौधे रोपने का कार्य नहीं किया गया है। ऐसे में सब्जी विक्रेताओं के डिवाइडर के अधिकांश हिस्से पर कब्जा कर लिया है। क्योंकि वे डिवाइडर पर सब्जी से भरे बारियां रख लेते हैं।
शाम होने पर पर बची हुई सड़ी सब्जी फैंककर चले जाते हैं। जिसके कारण वहां मवेशी मुंह मारते हैं तथा राहगीरों का आवागमन प्रभावित हो रहा है। इस मार्ग पर चुंगी रोड के पास पार्षद द्वारा कुछ पौधे लगवाए भी गए, लेकिन देखरेख नहीं होने से पौधे सूख रहे हैं।
वीआईपी रोड के डिवाइडर पर भी नहीं लगाए पौधे
नगर निगम के अधिकारियों ने वीआईपी रोड पर केवल बटालियन के आसपास बने डिवाइडर पर ही पौधे लगवाए हैं। परेड ग्राउंड व पुलिस क्वार्टर के पास डिवाइडर पर पौधे लगवाने का कार्य नहीं किया गया है। इस मार्ग पर जहां कुछ जगह पौधे लगवाए गए हैं। वहां देखरेख नहीं होने से पौधे नष्ट हो रहे हैं तथा डिवाइडर भी क्षतिग्रस्त हो रहा है।
डिवाइडर की देखरेख के लिए आमजन का सहयोग जरूरी
शहर की प्रमुख सड़कों का सौंदर्यीकरण करने नगर निगम द्वारा लाखों रुपए के डिवाइडरों का निर्माण कराया है। जब तक स्थानीय लोग पौधों की देखभाल के लिए आगे नहीं आएंगे तब तक डिवाइडर पर लगे पौधों को सुरक्षित रखना संभव नहीं है। इसके लिए हम स्थानीय स्तर पर कमेटियां गठित कर उन्हें देखरेख की जिम्मेदारी सौंप रहे हैं। अच्छी बात यह है कि इसके लिए कुछ लोग आगे भी आए हैं।
-अमरसत्य गुप्ता, आयुक्त नगर निगम।