मंत्री बोले-अमृत योजना में खुद रही सड़कों से लोग परेशान, इन्हें शीघ्र बनाने में क्या दिक्कत

अमृत योजना के तहत पानी-सीवर की लाइन बिछाने के बाद भी सड़कों को खुदा छोड़ देने पर ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने अधिकारियों पर नाराजगी जताई। बुधवार को कलेक्टोरेट में विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए श्री तोमर ने कहा- ठेकेदार द्वारा लाइन बिछाने के बाद कई महीनों तक सड़कों को खुदी हालत में छोड़ दिया जाता है और लोग परेशान हो रहे हैं।

ये सब ठीक नहीं है और न ये सब चलेगा। मंत्री की नाराजगी देख अफसरों ने जल्द और समय पर सड़कों का मेंटेनेंस कराए जाने की बात बैठक में कही। श्री तोमर ने कहा कि जो निर्माण कार्य स्वीकृत किए गए हैं उनका कार्य समय-सीमा में पूर्ण गुणवत्ता के साथ किया जाए।

शहर के विकास कार्यों में अंतरविभागीय समन्वय बनाकर कार्य तेजी से पूरे हों। नगर निगम द्वारा अमृत परियोजना के तहत जो उद्यान विकसित किए गए हैं, उसके संधारण की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए।

बैठक में कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह, पुलिस अधीक्षक अमित सांघी, नगर निगम आयुक्त शिवम वर्मा, एडीएम किशोर कान्याल सहित निर्माण विभागों से जुड़े अधिकारी उपस्थित थे। अस्पताल तैयार करने में और कितना समय लगाओगे। सिविल अस्पताल हजीरा के निर्माण कार्य की समीक्षा करते हुए श्री तोमर ने कहा कि 755 करोड़ रूपए की लागत से हो रहे निर्माण कार्य में पहले से ही बहुत देरी हो चुकी है और कितना समय लगेगा। उन्होंने कहा कि इस निर्माण कार्य को तेजी के साथ पूरा किया जाए।

बिरलानगर में प्रसूतिगृह के कार्यों को 6 फरवरी तक पूरा होने की जानकारी बैठक में दी गई। श्री तोमर ने सिविल अस्पताल हजीरा में अल्ट्रासाउण्ड को पुन: प्रारंभ करने के लिये तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए। मंत्री ने ये भी निर्देश: हर 15 दिन में की जाए समीक्षा।

हजीरा से किलागेट होते हुए फूलबाग चौराहे तक, मानसिक आरोग्यशाला से बहोड़ापुर रोड, सागरताल से जलालपुर सड़क निर्माण कार्य, बड़े पीर की दरगाह रोड निर्माण के कार्य पूरे हों। कलेक्टर सभी विकास कार्यों की समीक्षा हर 15 दिन में करें, ताकि काम समय पर पूरे हो पाएं।