महाराज बाड़ा-106 वर्ष पुराने महाराज बाड़े को पर्यटन केन्द्र में विकसित करने की तैयारी, स्मार्ट सिटी के तहत काम शुरू

ग्वालियर. शहर का हृदयस्थल महाराज बाड़ा अद्वितीय वास्तुकला की धरोहर और प्रमुख व्यावसायिक केन्द्र के रूप में पहचाना जाता रहा है लेकिन अब इसे पर्यटन केन्द्र के रूप में स्मार्ट सिटी के तहत विकसित किये जाने की तैयार की जा रही है। वजह यह कि यहां जीवाश्म संग्रहालय, डिजीटल म्यूजियम, प्लेटोनियम, डिजीटल लायब्रेरी और फूड एण्ड क्राफ्ट मार्केट शुरू होने जा रहे है। आपको बता दें कि 1915 से महाराज बाड़ा अद्वितीय धरोहर के रूप में जाना जाता है।

महाराज बाड़े को फसाड लाईटिंग से संवारा जायेगा

महाराज बाड़े पर अण्डर पार्किंग, पैदल जोन और फसाड़ लाईट जैसी अत्याधुनिक और आकर्षक सुविधाओं से इलाके को संवारा जायेगा। इसकी पहल से पूर्व केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बाड़े पर पैदल चलकर एक एक प्रोजेक्ट को बारीकी से परखा है। इस प्रोजेक्ट में स्मार्टसिटी, नगरनिगम और जिला प्रशासन के बीच तालमेल सही रहा तो उम्मीद है कि एक वर्ष के भीतर महाराज बाड़े का नया स्वरूप्ज्ञ सामने आयेगा। टाउन हॉल सजधज कर तैयार हो चुका है। यहां चल रहे कार्यो का निरीक्षण के लिये सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया इस क्षेत्र में पैदल घूमकर एक एक प्रोजेक्ट की पड़ताल की। उन्होंने डिजीटल म्यूजियम एण्ड प्लेनेटारियम की दीवार पर उकेरी गयी चितेराकला पर अप्रसन्नता जाहिर करते हुए कहा िकइस पेंटिंग में प्राचीनता नहीं छलकती और कुछ नया करें।

टाउन हॉल की तारीफ

टाउन हॉल की सराहना करते हुए उन्होंने इसे जल्द खोलने के लिये कहा है। उन्होंने विक्टोरिया मार्केट की दोनों मंजिलों पर काम करने के लिये कहा है कि ताकि लोगों में उत्सुकता रहें। ज्योतिरादित्य सिंधिया ने डिजीटल म्यूजियम में एलईडी स्क्रीन के साउण्ड सिस्टम को तेज कराने के लिये बोला है। म्यूजियम में पानीपत से ग्वालियर तक का इतिहास रखने के लिये निर्देश दिये हैं। महाराज बाड़ा के पार्क में बिजली के पोल पुराने जमाने की डिजायनिंग के अनुसार लगाने के लिये कहा है।

महाराज बाड़े की धरोहर को संवारने की तैयारी

विक्टोरिया मार्केट– 20 करोड़ रुपए की लागत से भू.वैज्ञानिक (जीवाश्म) संग्रहालय बनाया जा रहा है। अग्निकांड में क्षतिग्रस्त हुई इस इमारत पर 5.05 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं।
टाउन हॉल- 90 लाख रुपए खर्च कर इसे संवारा गया है। 2012 में बने इस हॉल में जल्दी ही सांस्कृतिक कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे।

डिजिटल लाइब्रेरी-11.54 करोड़ रुपए से सरकारी लाइब्रेरी में रखी 55 हजार पुस्तकों को स्केन कर डिजिटल फार्मेट पर लाया जा रहा है।


फसाड लाइटिंग-2.10 करोड़ रुपए खर्च कर गोरखी गेट, कृष्णा गेट, एसबीआई की दोनों पुरानी इमारतों और डाकघर पर फसाड लाइटिंग की जा रही है।

स्मार्ट रोड, अंडरग्राउंड पार्किंग, पैदल जोन- 300 करोड़ रुपए के इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद यहां वाहनों की आवाजाही रुकेगी। लोग पैदल ही बाड़े की खूबसूरती को निहार सकेंगे।

पुरानी कलेक्टोरेट– 05 करोड़ रुपए खर्च कर यहां फूड एंड क्राफ्ट बाजार तैयार होगा। 56 दुकानें बनाई जाएंगी।

डिजिटल म्यूजियम एंड प्लेनेटोरियम– 6.78 करोड़ से स्काउट.गाइड की इस इमारत में डिजिटल म्यूजियम तैयार किया जा चुका है।