युद्ध के लिए चर्चित करगिल घाटी में होंगे खेल, ग्वालियर के शर्मा पहले प्राचार्य
1999 में पाकिस्तान से युद्ध के बाद चर्चा में आई करगिल घाटी में अब आइस गेम्स खेले जाएंगे। यहां पर इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ स्कीइंग एंड माउंटेनियरिंग (आईआईएसएम) का पहला सेंटर खुलने जा रहा है। भूतल से 2676 मीटर ऊंचाई पर 25 एकड़ में बनने जा रहे इस सेंटर में साहसिक गतिविधियों के साथ आइस गेम्स को बढ़ावा दिया जाएगा।
इनमें आइस स्केटिंग, आइस हॉकी जैसे गेम्स शामिल होंगे। हर साल यहां राष्ट्रीय स्तर पर प्रतियोगिताएं भी होंगी। इससे न केवल यहां आने वाले पर्यटकों की संख्या में इजाफा होगा। बल्कि विंटर स्पोर्ट्स के प्रति लोगों का रुझान भी बढ़ेगा। सम्मान की बात ये है िक इस सेंटर के पहले प्राचार्य डाॅ. आलाेक शर्मा ग्वालियर से हैं। वह इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टूरिज्म एंड ट्रेवल के निदेशक भी हैं।
नया सेंटर शुरू करने की प्रक्रिया उनकी ही देखरेख में चलेगी। उनके और केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति राज्यमंत्री प्रहलाद पटेल के आइडिया पर ही ये सेंटर तैयार किया जा रहा है। राष्ट्रीय पर्यटन दिवस (25 जनवरी) से एक दिन पहले श्री पटेल करगिल पहुंचे। उनके साथ चीफ एक्जीक्यूटिव काउंसिल के फिरोज अहमद खान भी साथ थे। मंत्री ने सेंटर के लिए 3 महीने में डीपीआर मांगी है। 2021 के अंत तक यह सेंटर शुरू किया जाएगा।
1 से 3 महीने के कोर्स होंगे
आईआईएसएम के करगिल सेंटर में 1 से लेकर 3 महीने के कोर्स संचालित किए जाएंगे। इनमें आइस हॉकी, आइस स्केटिंग, स्नो स्कीइंग, रॉक क्लाइंबिंग, पैरोसिलिंग, हॉट एयर बैलून और माउंटेनियरिंग का कोर्स शामिल है। अभी आईआईएसएम गुलमर्ग में संचालित है और यहां 70 विद्यार्थियों के रहने की व्यवस्था है। स्थानीय लोगों में रुझान बढ़ाने के उद्देश्य से वर्तमान में यहां 2 जिलों की 8 टीमों के बीच आइस गेम्स कराएं जा रहे हैं।
जल्द शुरू करने का प्रयास
तीन महीने पहले हमने सर्वे कर मंत्रालय को रिपोर्ट भेजी थी। इस पर सेंटर बनाने की मंजूरी मिली है। प्रयास है कि आईआईएसएम का नया सेंटर जल्द शुरू हो। इसके माध्यम से साहसिक गतिविधियों और आइस गेम्स को देशभर में बढ़ावा मिलेगा। अलग-अलग कोर्स भी संचालित किए जाएंगे।
-प्रो. आलोक शर्मा, प्रिंसिपल आईआईएसएम गुलमर्ग/करगिल