आईपीएस और जल संसाधन विभाग के अधिकारियों पर कार्यवाही करने के लिये भोपाल खोलना चाहती है ईडी
भोपाल. मप्र में 3 हजार करोड़ रूपये के ई-टेण्डर घोटाले की जांच तेज करने के साथ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की सक्रियता बढ़ गयी हैं। ईडी 3 से 4 ब्लैकमनी और मनी लॉन्ड्रिंग की अलग-अलग शिकायतों की प्रारंभिक जांच शुरू करने के बाद भोपाल में अपना उप कार्यालय खोलने की तैयारी में हैं। अभी ईडी अधिकारियों की टीम इन्दौर से जांच के लिये पहुंचती है। लेकिन भोपाल में कार्यालय होने से कुछ क्षेत्रीय अधिकारी यहीं बैठ पायेंगे। इससे ईडी को नियमित कामकाज मेंआने वाली परेशानियों को दूर करने के लिये विचार किया जा रहा है।
इन्दौर में हैं ईडी का उपकार्यालय
मप्र में अभी एक मात्र इन्दौर में ईडी का क्षेत्रीय उप कार्यालय हैं। ई-टेण्डर घोटाले के अलावा ईडी मनीलॉड्रिªग और बेनामी संपत्तियों को लेकर एक आईएएस और आईपीएस अधिकारी के खिलाफ शिकायतें मिलने के बाद प्रारंभिक जांच में जुटी हुई है। ईडी अधिकारियों को भोपाल में मैदानी काम करना पड़ रहा है। जिसके चलते यहां उपकार्यालय खोलने के लिये फैसला लिया गया है।
ईडी में लंबित है ब्लैक मनी में घिरे आईपीएस अधिकारी, ई-टेण्डरिंग में जल संसाधन के अधिकारी
ईडी अधिकारी अपने स्तर पर 2 से 3 ठिकानों पर उप कार्यालय के लिये जगहदेख चुके हैं और इसकेबाद गृह विभाग से कार्यालय के लिये संक किया गया है। ईडी एमपी नगर आर होशंगाबाद रोड पर किसी थन कार्याल खोलना चाहती है। सीबीआई को व्यापमं घोाले की जांच करने के दैरान राज्य शास ने भापाल में 2 कायालय की जगह उपलब्ध कराई गयी थी। ईडी में लंबित है ब्लैक मनी में घिरे आईपीएस अधिकारी, ई-टेण्डरिंग में जल संसाधन के अधिकारी आदि प्रकरण ईडी कार्यवाही कर रही है।