6 दिन में जमा 1345 टन कचरे में से 495 टन उठाया, दो दिन में होगी पूरी सफाई
छह दिन बाद गुरुवार काे काम पर लाैटे सफाईकर्मियों ने 185 वाहनों से सुबह से शाम तक 495 टन कचरा उठाकर लैंडफिल साइट पर भेजा। हड़ताल की वजह से छह दिन में शहर में करीब 1345 टन कचरा जमा हाे गया था। अभी भी शहर की सड़काें पर करीब 850 टन कचरा पड़ा हुआ है।
इसे उठाने में दाे दिन लगेंगे। गर निगम ने बुधवार-गुरुवार की दरम्यानी रात तीन सड़काें पर स्वीपिंग मशीनों से भी सफाई कराई। उधर, नगर निगम ने ईको ग्रीन एनर्जी कंपनी की परफाॅरर्मेंस गारंटी के ताैर पर जमा 12.73 करोड़ रुपए राजसात कर लिए हैं। दिल्ली स्थित बैंक से यह पैसा नगर निगम के खाते में आ गया है।
दाे अफसर दिल्ली भेजकर जब्त की ईको ग्रीन कंपनी की गारंटी राशि
ईको ग्रीन एनर्जी कंपनी का अनुबंध नगर निगम ने खत्म कर दिया था, लेकिन उसकी परफॉरर्मेंस गारंटी के तौर पर दिल्ली के एचएसडीसी बैंक में जमा 12.73 करोड़ रुपए नगर निगम को नहीं मिले थे। इसके लिए पिछले दिनों अपर आयुक्त वित्त देवेंद्र पालिया और कार्यपालन यंत्री आरके शुक्ला को दिल्ली भेजा गया था।
दाेनाें ने बैंक के अधिकारियों से बात कर निगम का डिमांड नोट दिया। इसमें उक्त राशि को राजसात करने का आदेश था। बैंक ने गुरुवार काे यह राशि चीन की कंपनी के खाते से निकालकर नगर निगम के खाते में ट्रांसफर कर दी है।
980 कर्मचारियाें काे नवंबर तक का दिया वेतन
गुरुवार को नगर निगम ने आउटसोर्स कर्मचारियों का पूरा वेतन राज सिक्योरिटी कंपनी के खाते में ट्रांसफर कर दिया। ट्रांसफर किए गए 85 लाख रुपए से 980 कर्मचारियों को नवंबर तक का वेतन मिल जाएगा। इसके अलावा पूर्व में 35 लाख रुपए का भुगतान ईको ग्रीन कर्मचारियों के बैंक खातों में डाल दिया था। इसी तरह निगम में कार्यरत 1200 विनयमित कर्मचारी और 1000 नियमित सफाई कर्मचारियों का दिसंबर तक का वेतन 4 करोड़ रुपए डाल दिया गया है।
अब स्वच्छता से जुड़ीं शिकायतों के लिए टोल फ्री नंबर 18002338138
ग्वालियर स्मार्ट सिटी कार्पोरेशन की सीईओ जयति सिंह ने सफाई व्यवस्था से जुड़ीं शिकायतों को दर्ज करने और उनका समय सीमा में निराकरण करने के लिए टोल फ्री नंबर 18002338138 जारी किया है। इसके लिए निगम मुख्यालय पर भी एक सेल बनाई गई है। शिकायत दर्ज होने के बाद उसे संबंधित वार्ड के मॉनीटर को भेजा जाएगा। शिकायत के निराकरण की पूरी प्रक्रिया की निगरानी कंट्रोल कमांड सेंटर से होगी। इसके लिए शिकायत प्रबंधन सिस्टम विकसित किया है। शिकायत करने वाले को यूनिक नंबर भी दिया जाएगा।