समय पर भुगतान नहीं करने पर हाईकोर्ट ने प्रमुख सचिव, मुख्य अभियंता और ईई को जमानती वारंट से किया तलब

ग्वालियर. रिटायर्ड कर्मचारी को समय पर भुगतान नहीं होने पर हाईकोर्ट की चेतावनी के बावजूद जल संसाधन विभाग के 3 बड़े अधिकारी हाईकोर्ट भी नहीं पहुंचे। किसी ने उपस्थिति से छूट या अतिरिक्त समय का आवेदन तक नहीं दिया। इस पर हाईकोर्ट नेविभाग के प्रमुख सचिव राजेश राजौरा, मुख्य अभियंता प्रवीण महाजन और जल संसाधन संभाग, गोहद कार्यपालन यंत्री अंजुल दोहरे के खिलाफ 10-10 हजार रूपये के जमानती वारंट जारी करने के निर्देश दिये है।
जस्टिस अमित सेठ ने शुक्रवार को सेवानिवृत्त टाइमकीपर कामतासिंह गुर्जर की अवमानना याचिका पर यह आदेश दिया। याचिकाकर्ता की तरफ से एडवोकेट अरूण कटारे और अधिकारियों की तरफ से एडवोकेट विशन कुशवाह ने पैरवी की है।
हाई कोर्ट ने नवंबर 2023 में गुर्जर को समान वेतनमान और उससे जुड़े लाभ दो महीने में देने के निर्देश दिए थे। अगस्त 2026 में विभाग ने चार सप्ताह में भुगतान का भरोसा दिया। इसके बाद 16 सितंबर को स्वीकृति भी जारी हुई, लेकिन याचिकाकर्ता के अनुसार रकम नहीं मिली। अदालत ने तीनों अफसरों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। अगली सुनवाई 27 अक्टूबर को होगी।