ग्वालियर अकादमी की 3 खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन, 44 साल बाद एशियाई खेलों में महिला हॉकी का स्वर्ण

ग्वालियर. जापान के आइची-नागोया में आयोजित 20वें एशियाई खेलों में भारतीय महिला हॉकी टीम ने इतिहास रच दिया। फाइनल मुकाबले में भारत ने गत चैंपियन चीन को 1-0 से हराकर 44 साल बाद एशियाई खेलों का स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इस स्वर्णिम जीत के साथ ही भारतीय टीम ने 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक का टिकट भी पक्का कर लिया। भारत के लिए निर्णायक गोल अपना 200वां मैच खेल रही लालरेमसियामी ने दागा। इससे पहले भारत ने 1982 में एशियाई खेलों का स्वर्ण जीता था।

ग्वालियर हॉकी अकादमी की तिकड़ी का अहम योगदान
भारतीय महिला टीम की इस ऐतिहासिक सफलता में मध्य प्रदेश राज्य महिला हॉकी अकादमी (ग्वालियर) की अहम भूमिका रही। टीम का हिस्सा रहीं सुशीला चानू, गोलकीपर बिचू देवी और इशिका चौधरी ने इसी अकादमी से हॉकी की बारीकियां सीखीं और भारतीय टीम तक का सफर तय किया। विशेष रूप से ग्वालियर की मूल निवासी इशिका चौधरी 2018 यूथ ओलंपिक में रजत पदक जीतने वाली भारतीय टीम की भी सदस्य रह चुकी हैं। सुशीला और बिचू अकादमी की पूर्व खिलाड़ी हैं, जबकि इशिका वर्तमान में एकेडमी की सदस्य हैं।
हॉकी इंडिया ने की धनवर्षा
इस अभूतपूर्व जीत पर हॉकी इंडिया ने प्रत्येक खिलाड़ी को 11-11 लाख रुपये और सपोर्ट स्टाफ के सदस्यों को 5.5-5.5 लाख रुपये का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है। हॉकी इंडिया के महासचिव भोलानाथ सिंह ने खिलाड़ियों के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर पूरी टीम इस सम्मान की हकदार है।