सड़कों का सच जानने के लिये आयोग के सदस्य 8 किमी पैदल निकले, बाजारों-गलियों में घूमे, कैमरे में कैद किये 100 फोटो

ग्वालियर- रविवार की सुबह शहर की सड़कों की जांच गाड़ी में बैठकर नहीं, करीब 8 किमी पैदल चलकर हुई। हाईकोर्ट के आयोग के सदस्य और वकील सुबह 9 बजे महाराज बाड़ा पहुंचे। यहां से गली-बाजारों में पैदल निकले और सड़क दर सड़क हाल देखा।
हाईकोर्ट के आयोग के सदस्य को जहां भी कहीं खराब सड़कें मिली, उनकी फोटो कैमरे में कैद की। जहां सड़कों की स्थिति बेहतर थी उसकी फोटो लेकर रिपोर्ट बनाई। इस दौरान आयोग के दल ने 100 से ज्यादा जियो टैग फोटो लिए गए। अब ये तस्वीरें हाईकोर्ट के सामने शहर की सड़कों की जमीनी हकीकत रखेंगी।
महाराज बाड़ा से शुरू हुई यह पदयात्रा मुन्नाजी भवन, मोटे गणेशजी की गली, चावड़ी बाजार और रावलदास की दुकान के सामने से होते हुए जीवाजीगंज होते हुए एबी रोड स्थित लक्ष्मीगंज सब्जीमंडी तक पहुंची। यहां से टीम मोर बाजार, सराफा, गश्त का ताजिया, फालका बाजार और दौलतगंज होते हुए वापस महाराज बाड़ा पहुंची। आयोग ने गोरखी स्थित पार्किंग के पास उस जगह की भी तस्वीर ली, जहां निर्माण के चलते आए दिन-रात पानी भरता था। यहां मल्टीलेवल पार्किंग के कारण ज्यादा परेशानी है। हाईकोर्ट के सामने शहर की सड़कों की जमीनी हकीकत रखेगी।
किसी ने नहीं लिया वाहन, पुलिस भी साथ चली
आयोग के सदस्य अधिवक्ता गौरव समाधिया, पवन रघुवंशी और हिमांशु शर्मा के साथ अतिरिक्त महाधिवक्ता राजेश शुक्ला, एनएचएआई के अधिवक्ता आशीष सारस्वत और याचिकाकर्ता के अधिवक्ता अवधेश सिंह तोमर पूरे रास्ते पैदल चले। किसी वकील ने वाहन का इस्तेमाल नहीं किया। इस दौरान पुलिस बल भी साथ रहा।
शहर की खस्ताहाल सड़कों को लेकर हाईकोर्ट में जनहित याचिका लंबित है। कोर्ट ने सड़कों की गुणवत्ता जांचने के लिए आयोग गठित किया है। बुधवार को इसी आयोग की मौजूदगी में सड़कों के सैंपल लिए गए थे। रविवार को तस्वीरों के जरिए जमीनी स्थिति दर्ज की गई। अब सैंपलिंग और जियो टैग तस्वीरों की जानकारी हाईकोर्ट के सामने रखी जाएगी, जिसके आधार पर कोर्ट में सुनवाई होगी।