Rajpal Yadav Cheque Bounce Case- अभिनेता राजपाल फिर से जायेंगे जेल-हाईकोर्ट

नई दिल्ली. अभिनेता राजपाल यादव पर चेक -बाउंस का केस कुछ माह पहले बहुत चर्चा में था। बॉलीवुड सेलेब्रिटीज से राजपाल का इस मामले से निकालने के लिये काफी फायनेंशियल मदद मिली थी। फरवरी में वह जेल से जमानत पर बाहर भी आ गये थे। लेकिन अब राजपाल को बड़ा झटका लगा है। उनके एक्शंस का ‘संदिग्ध; बताते हुए प्रशासन ने उन्हें फिर से जेल भेजने के लिय कहा है।
राजपाल को हाईकोर्ट ने फिर से भेजा जेल
लाइव लॉ की रिपोर्ट के अनुसार जस्टिस स्वर्णकांत शर्मा ने राजपाल का दोषी मानते हुए सेशंस कोर्ट द्वारा सुनाई गयी सजा में संशोधन किया गया। अदालत ने राजपाल यादव को 7 मामलों में शिकायतकर्ता का 1.05 करोड़ रूपये की पेमेंट करने का निर्देश दिया है। इसके अलावा शिकायतकर्ता को 1.04 लाख रूपये और 75 हजार रूपये जबकि राज्य को 25 हजार रूपये देने का भी आदेश दिया गया है। हाईकोर्ट ने राजपाल यादव की पत्नी राधा यादव को भी हर मामले में शिकायतकर्ता को 5,51,380 रूपये की पेमेंट करने के लिये कहा है। हाईकोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया है कि राजपाल की तरफ से पहले ही जमा किये जा चुके हैं। 2.25 करोड़ रूपये फायनल पेमेंट में एडजस्ट कर दिये जायेंगे।
राजपाल चेक बाउंस में पहले भी जेल जा चुके हैं
2010 में राजपाल ने अपने प्रोडक्शन में बनी फिल्म ‘अता पता लापता’ के लिए 5 करोड़ का उधार लिया था. फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह फ्लॉप हो गई और राजपाल समय पर उधार चुकता नहीं कर पाए थे।  बार-बार पेमेंट्स के लिए दिए चेक बाउंस होने के बाद ये मामला एक लंबी कानूनी लड़ाई बन गया.। इस मामले में हाई कोर्ट ने राजपाल यादव को पहली बार 2013 में, 10 दिन के लिए जेल भेजा था।  लेकिन हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच में अपील के बाद वो 4 दिन में जेल से बाहर आ गए थे. नवंबर 2018 में वो फिर से तीन महीनों के लिए जेल गए और फरवरी 2019 में बाहर आए थे।
मगर इसके बाद भी राजपाल अपना उधार नहीं चुकता पर पाए।  जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की बेंच ने सुनवाई के दौरान अभिनेता के रवैए को ‘संदिग्ध’ बताया और कहा कि उन्हें रकम चुकाने के कई मौके दिए गए।   लेकिन वो अपने वादों को पूरा करने में पूरी तरह विफल रहे।  जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने कहा कि राजपाल यादव को अदालत में दिए गए अपने अंडरटेकिंग का पालन करने के लिए कई मौके दिए गए।  लेकिन उन्होंने बार-बार अवसर मिलने के बावजूद उसका पालन नहीं किया।  बकाया रकम के भुगतान को लेकर किए गए समझौते के बार-बार उल्लंघन के कारण कोर्ट ने सख्त रवैया अपनाया है।  इसी कोर्ट ने राजपाल को राहत भी दी थी।  लेकिन राजपाल इस दलील पर अड़े रहे कि जब कुछ दिन जेल काट ली तो अब कैसे पैसे? कौन सा बकाया और कैसी वापसी? कोर्ट ने उन्हें पहले भी चेतावनी दी थी।