जैव विविधता हमारी विरासत, इसे समृद्ध करना हमारा कर्तव्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को सागर जिले के वीरांगना रानी दुर्गावती टाइगर रिज़र्व (नौरादेही) में संरक्षित प्रजाति के कछुओं को जल में विमुक्त कर जैव विविधता संरक्षण का नव संदेश दिया। इस अवसर पर उन्होंने चीतों के पुनर्वास के लिए बनने वाले विशेष बाड़े (बोमा) का भूमि-पूजन भी किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार जंगलों और जल स्रोतों को समृद्ध बनाकर वन्य प्राणियों एवं जलीय जीवों के संरक्षण के लिए सतत् प्रयास कर रही है। उन्होंने विशेष रूप से साफ पानी वाली नदियों में कछुओं की विभिन्न प्रजातियों के संरक्षण और संवर्धन पर जोर देते हुए कहा कि इससे हमारे पारिस्थितिकीय संतुलन को मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नौरादेही टाइगर रिजर्व को भविष्य में एक और बड़ी पहचान मिलने जा रही है। आने वाले समय में यह क्षेत्र मध्यप्रदेश में चीतों का तीसरा सुरक्षित आवास बनेगा। इससे मध्यप्रदेश के वन्य-जीव पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, साथ ही हमारी जैविक सम्पदा और भी समृद्ध होगी। उन्होंने कहा कि प्रकृति और विकास के बीच संतुलन स्थापित करने की दिशा में हमारी सरकार यह महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रही है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने जन्म दिवस पर चीता पुनर्वास के लिए सॉफ्ट रिलीज बोमा (बाड़े) का भूमि-पूजन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जलीय जीवों की समृद्धि के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दिखाते हुए यहां चंबल नदी और भोपाल से लाए गए 14 कछुए भी मुक्त विचरण के लिये बामनेर नदी में छोड़े। यह मध्यप्रदेश का सबसे बड़ा नेशनल टाइगर रिजर्व है। जिसकी सीमाएं सतपुड़ा, कान्हा और पेंच राष्ट्रीय उद्यान से मिलती हैं। नौरादेही टाइगर रिजर्व में कई प्रकार के वन्यजीवों की प्रजातियों के लिए अनुकूल वातावरण है।