प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में पूरे देश में प्रिवेंटिव हेल्थ केयर को सशक्त करने निरंतर हो रहे हैं कार्य: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पूरे देश में प्रिवेंटिव हेल्थ केयर को सशक्त करने की दिशा में निरंतर कार्य हो रहा है। इसी कड़ी में सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम हेतु एचपीवी टीकाकरण अभियान प्रारंभ किया गया है। मध्यप्रदेश सरकार प्रधानमंत्री श्री मोदी के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य के क्षेत्र में दृढ़ता के साथ कार्य कर रही है। भारत बेटियों को कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से बचाने की दिशा में ठोस कदम उठा रहा है, एचपीवी टीकाकरण अभियान उसी संकल्प का हिस्सा है। मध्यप्रदेश में बेटियों और महिलाओं के स्वास्थ्य संरक्षण की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल करते हुए राज्यव्यापी एचपीवी टीकाकरण अभियान का शुभारंभ किया गया है। जिसके अंतर्गत म.प्र. सरकार ने लगभग 8 लाख किशोरियों के टीकाकरण का लक्ष्य निर्धारित किया है, जिसके लिए केंद्र से 7 लाख 58 हजार 500 से अधिक वैक्सीन डोज प्राप्त हो चुके हैं। यह टीका 14 वर्ष पूर्ण कर चुकी और 15 वर्ष से कम आयु की पात्र बालिकाओं को लगाया जाएगा। उन्हें वैक्सीन की केवल एक डोज दी जाएगी। बाज़ार में लगभग 4 हजार रुपये कीमत वाला यह टीका चिन्हित शासकीय संस्थानों में निःशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा, अभियान अगले तीन माह तक चलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार सदैव महिलाओं और बालिकाओं के स्वास्थ्य, सम्मान और सुरक्षित भविष्य के प्रति प्रतिबद्ध रही है। प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा राजस्थान के अजमेर से राष्ट्रव्यापी एचपीवी टीकाकरण अभियान आरंभ करने के लिए प्रदेशवासी उनके आभारी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को अभियान के शुभारंभ कार्यक्रम को नई दिल्ली से वर्चुअली संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में होने वाले प्रमुख कैंसरों में से एक है और इससे बचाव के लिए एचपीवी टीका अत्यंत प्रभावी उपाय है। इसी उद्देश्य से राज्य में व्यापक स्तर पर टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अभिभावकों से अपनी बेटियों के उज्ज्वल और कैंसर-मुक्त भविष्य के लिए उनका टीकाकरण अवश्य करवाने और अभियान को सफल बनाने का आह्वान किया। स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के तहत “मिशन मधुहारी” की शुरुआत की जा रही है, जिसके अंतर्गत टाइप-1 मधुमेह से पीड़ित बच्चों और युवाओं के लिए सभी जिला अस्पतालों में साप्ताहिक क्लीनिक संचालित होंगे, जहाँ इंसुलिन जाँच और विशेषज्ञ परामर्श मिलेगा।