मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शिप्रा के तट पर उज्जैन में फहराया राष्ट्रीय ध्वज

प्रदेश में 77वां गणतंत्र दिवस धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन के कार्तिक मेला ग्राउंड में आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह में राष्ट्रीय ध्वज फहराया और परेड की सलामी ली। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और लोकतंत्र रक्षकों का सम्मान भी किया गया। इस अवसर पर राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत और सिंहस्थ पर केंद्रित सांस्कृतिक कार्यक्रमों की आकर्षक प्रस्तुतियां भी हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों, समारोह में प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं विभागीय झांकियों को पुरस्कृत भी किया। समारोह में मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती सीमा यादव, सांसद श्री अनिल फिरोजिया, राज्यसभा सांसद श्री बालयोगी उमेशनाथ जी महाराज, विधायक श्री अनिल जैन कालूहेड़ा, महापौर श्री मुकेश टटवाल, नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव, विभिन्न धर्मो के धर्मगुरू, जनप्रतिनिधि, अधिकारी, छात्र-छात्राएं और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

तीन रंग के गुब्बारे छोड़ कर दिया राष्ट्रभक्ति और जनसेवा का संदेश

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्तिक मेला मैदान स्थित शिप्रा तट सुनहरी घाट पर तिरंगा कलर के गुब्बारे खुले आकाश में छोड़ कर राष्ट्रभक्ति और जनसेवा का संदेश दिया। इस अवसर पर मां शिप्रा में 40 से अधिक तिरंगे रंग से सरावोर नाव पर तिरंगा ध्वज लिए होमगार्ड, एसडीईआरएफ के जवान उपस्थित होकर देश भक्ति के गीत गा रहे थे। घाट पर तिरंगे की थीम पर साज-सज्जा की गई साथ ही घाट पर जनजातीय भील कलाकारों द्वारा भगोरिया नृत्य की आकर्षक प्रस्तुति हुई।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गणतंत्र दिवस के मंगल अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी और प्रदेश की जनता के नाम संदेश दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज राष्ट्र के जन-गण-मन में देशभक्ति और देश के लिए गर्व का भाव सशक्त हो रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व-गुण के फलस्वरूप संपूर्ण विश्व में भारत की गरिमा बढ़ रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारत माता की आज़ादी के लिए हँसते-हँसते सूली चढ़ने वाले अमर शहीदों के चरणों में श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष 2028 में सिंहस्थ का आयोजन उज्जैन में होना है। इस भव्य-दिव्य आयोजन के उपलक्ष में ही गणतंत्र दिवस का कार्यक्रम पावन शिप्रा के किनारे आयोजित किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर उज्जैन के कार्तिक मेला ग्राउंड पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह विचार व्यक्त किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उत्साह और उमंग से भरे वातावरण में राष्ट्रीय ध्वज फहराया। उन्होंने परेड की सलामी ली। इस मौके पर विभिन्न शासकीय विभागों द्वारा आकर्षक एवं नयनाभिराम झांकियां भी निकाली गईं तथा स्कूली बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी।

"समृद्ध किसान-समृद्ध प्रदेश" के लिए 10 बहुउद्देशीय गतिविधियों को किया गया

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी के विकास के लिए आहृवान किया है। मध्यप्रदेश सरकार संकल्पबद्ध होकर कार्य कर रही है। ज्ञान के मंत्र की सिद्धि की दिशा में मध्यप्रदेश सरकार ने 4 मिशन, युवा शक्ति, गरीब कल्याण, किसान कल्याण और नारी सशक्तिकरण प्रारंभ किए हैं। हमारे देश की अर्थव्यवस्था कृषि आधारित है। खेती किसानी करने वाले भाईयों के जीवन में मुस्कान लाने के लिए बहुआयामी प्रयास किए गए। प्रदेश सरकार ने वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाने का निर्णय किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष 2002-03 में कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र का बजट 600 करोड़ रुपये था, जिसे वर्ष 2024-25 में बढ़ाकर 27 हजार 50 करोड़ से अधिक किया गया। "समृद्ध किसान-समृद्ध प्रदेश" की दिशा में प्रदेश में 10 बहुउद्देशीय गतिविधियों को शामिल किया गया है। किसानों को समृद्ध बनाने के लिए मुख्य फसलों के साथ उद्यानिकी फसलों के उत्पादन के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। हमारा प्रदेश आने वाले समय में देश की दुग्ध राजधानी बनेगा। इस वित्त वर्ष में गौशालाओं के लिए बजट प्रावधान 250 से बढ़ाकर 505 करोड़ किया गया है। प्रदेश में लगभग 3 हजार गौशालाएँ पौने पाँच लाख गौमाताओं की देखभाल का दायित्व निभा रहीं हैं। मछली उत्पादन के बेहतर प्रबंधन से प्रदेश को विशेष श्रेणी में उत्कृष्ट पुरस्कार मिला। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रबी विपणन वर्ष 2025-26 में किसानों से 2 हजार 600 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं का उपार्जन किया गया। किसानों को 1 हजार 360 करोड़ रुपये की बोनस राशि का भुगतान किया गया है। सोयाबीन उत्पादक किसानों को भावान्तर योजना का लाभ दिलवाया गया। सात लाख से अधिक किसानों को करीब 1300 करोड़ रुपये की भावांतर राशि का भुगतान किया गया है।